चित्तौड़गढ़ के वीर भूमि स्थित महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दिवेर विजय महोत्सव के अंतर्गत जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय 'विजयी योद्धा एवं कुशल प्रशासक के रूप में महाराणा प्रताप' रहा, जिसमें जिले भर के युवा वक्ताओं ने अपनी वाक्पटुता और ओजस्वी विचारों का प्रदर्शन किया। उदयपुर स्थित प्रताप गौरव केंद्र एवं आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा की पहल पर आयोजित इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के शौर्य, अनवरत संघर्ष और उनकी अद्वितीय प्रशासनिक दूरदर्शिता से रूबरू कराना है।

महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या प्रो. भारती मेहता ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि जन-कल्याण, स्वाभिमान और कुशल कूटनीति के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने प्रतिकूल से प्रतिकूल परिस्थितियों में भी कभी अपने सिद्धांतों से समझौता न करते हुए संगठन क्षमता व गोरिल्ला युद्धनीति के बल पर अपनी मातृभूमि की रक्षा की। उनके जीवन मूल्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति आज भी प्रासंगिक हैं और युवाओं को देश सेवा व आत्मनिर्भरता की अमर प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम के प्रारंभ में नोडल अधिकारी प्रो. हेमलता महावर ने अपने स्वागत उद्बोधन में समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत कर प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता कुल चार चरणों—महाविद्यालय स्तर, जिला स्तर, संभाग स्तर एवं राज्य स्तर में आयोजित की जाएगी। इन चारों चरणों की कठिन एवं निष्पक्ष स्पर्धा से गुजरते हुए अंतिम स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को प्रथम पुरस्कार 11 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 7,100 रुपये, तृतीय पुरस्कार 5,100 रुपये तथा दो सांत्वना पुरस्कार के रूप में 2100-2100 रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी।

इस स्पर्धा में अपनी प्रखर अभिव्यक्ति के दम पर श्री साँवलियाँ जी राजकीय महाविद्यालय मंडफिया के जुनैल आबेदीन ने प्रथम स्थान हासिल किया। राजकीय कन्या महाविद्यालय की मूमल राठौड़ ने द्वितीय और महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की अंजलि रेगर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। ये तीनों विजेता अब उदयपुर में आयोजित होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।

प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन हेतु गठित निर्णायक मंडल में प्रो. डॉ. पूनम शैरी, कुलदीप प्रजापत एवं शिव भगवान शामिल रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रो. संजू बालोत एवं सहायक आचार्य महिपाल दान ने किया। इस अवसर पर प्रो. सुमन डाड, प्रो. अखिलेश चास्टा, प्रो. भरत वैष्णव, प्रो. शिल्पा नागौरी सहित सहायक आचार्य अपेक्षा नागौरी, विद्या कंवर भाटी, किशन दान, मीनाक्षी चौधरी, डॉ. नमिता वाजपेयी एवं सुमन रेवाड़ की गरिमामय उपस्थिति रही।

Piyush Mundara, Chittorgarh

Piyush Mundara, Chittorgarh

नाम: पियूष मूंदड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: साल 2013 से

विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग

बीट और कवरेज 

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  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: शैक्षणिक संस्थानों की गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे, चिकित्सा सेवाएं और स्वास्थ्य योजनाओं का कवरेज।
  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक समाचार।

शैक्षणिक योग्यता

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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