बेगूं (प्रातःकाल संवाददाता)। बेगूं क्षेत्र के बानोडा बालाजी तीर्थ स्थल पर स्थित 21वीं सदी का अद्भुत श्री लक्ष्मी रानी मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यहां माता लक्ष्मी की प्रतिमा शयन मुद्रा में विराजित है, जिसके कारण मंदिर के द्वार साल में केवल दो बार — चैत्र पूर्णिमा और आश्विन पूर्णिमा — को ही दर्शन के लिए खोले जाते हैं।

चैत्र पूर्णिमा पर धन का महाप्रसाद

गुरुवार को चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर सुबह 11 बजे मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, जहां प्रसाद के रूप में धन का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं को 500, 200, 100, 50, 20, 10 और 5 रुपये के नोटों के साथ 10, 5, 2 और 1 रुपये के सिक्के प्रसाद स्वरूप प्रदान किए गए। श्रद्धालु झोली फैलाकर माता लक्ष्मी का यह धन प्रसाद ग्रहण करते हैं और इसे अपने घर, प्रतिष्ठान के गल्ले, तिजोरी या आलमारी में सहेज कर रखते हैं, ताकि माता रानी की कृपा से घर में धन-समृद्धि बनी रहे। मंदिर में माता लक्ष्मी का लाल चुनरी और नोटों से विशेष श्रृंगार किया गया तथा आकर्षक सजावट की गई। मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती पंडित कैलाश चंद्र शर्मा द्वारा की जाती है और उन्हीं के सान्निध्य में प्रसाद वितरण भी किया जाता है। दर्शन के लिए आसपास के गांवों सहित दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

नवरात्रि समापन और हनुमान जयंती का उत्साह

इसी के साथ बानोडा बालाजी मंदिर समूह में स्थित सिद्धि धात्री देवी मंदिर में 16 दिवसीय नवरात्रि महोत्सव का भी गुरुवार को विधिवत समापन हुआ। नवरात्रि के दौरान देवी मां का प्रतिदिन अलग-अलग रूपों में श्रृंगार किया गया और भक्तों ने श्रद्धा के साथ दर्शन किए। संयोग से गुरुवार को हनुमान जयंती होने के कारण बानोडा बालाजी में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ी और भक्तों ने हनुमानजी के साथ माता लक्ष्मी के भी दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

बानोडा बालाजी तीर्थ स्थल का वैभव

बानोडा बालाजी मेवाड़ का प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है। यहां बानोडा बालाजी और श्री शेषावतार कल्लाजी की प्राचीन प्रतिमा के साथ पिछले करीब 20 वर्षों में लगभग 13 मंदिरों का निर्माण हुआ है। परिसर में भगवान जगन्नाथ, लक्ष्मी रानी, सिद्धि धात्री, खाटूश्याम, श्रीगणेश, राम-जानकी, कार्तिकेय, नृसिंह, पंचमुखी हनुमान, गायत्री, पशुपतिनाथ तथा अर्जुन-द्रोपदी मंदिर स्थित हैं, जहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। बानोडा बालाजी सेवा मंडल द्वारा पिछले 20 वर्षों से राजस्थान और मध्यप्रदेश के करीब 200 गांवों में अखंड रामायण पाठ भी निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।

Deepanshu Sharma, Chittorgarh

Deepanshu Sharma, Chittorgarh

नाम: दीपांशु शर्मा

वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: बेगू तहसील (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक एवं प्रशासनिक

अनुभव: 8 वर्ष (कुल)

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता

  • राजनीतिक विश्लेषण: बेगू क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों का विश्लेषण और राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज।
  • जनसमस्याएं: आमजन की समस्याओं, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सुविधाओं से संबंधित समाचार।
  • त्वरित कवरेज: क्षेत्र में घटने वाली घटनाओं, दुर्घटनाओं और तात्कालिक खबरों की सबसे पहले कवरेज।
  • प्रशासनिक खबरें: प्रशासनिक निर्णयों, विभागीय कार्यप्रणालियों और अंदरूनी (अंदर खाने की) खबरों की सटीक जानकारी।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • प्रातःकाल: पिछले 3 वर्षों से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के साथ जुड़कर बेगू तहसील में कार्यरत हैं।
  • पूर्व अनुभव: इससे पहले 5 वर्ष पूर्व से सांध्यकालीन दैनिक 'कवर स्टोरी' समाचार पत्र से जुड़े हुए थे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

कला स्नातक (B.A.)

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