श्रमिक संगठनों ने चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, रखीं 12 सूत्री मांगें
संयुक्त श्रम संगठन ने लेबर कोड वापस लेने, न्यूनतम वेतन 30 हजार करने और संविदा प्रथा समाप्त करने हेतु निंबाहेड़ा में प्रदर्शन कर मांगों की सूची सौंपी।

चित्तौड़गढ़ में संयुक्त श्रम संगठन के पदाधिकारियों और श्रमिकों द्वारा जिला कलेक्टर को विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु ज्ञापन सौंपने के दौरान आयोजित सभा।
निंबाहेड़ा/ चित्तौड़गढ़: केंद्रीय संयुक्त श्रम संगठन द्वारा श्रमिकों के हितों की रक्षा और विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रमुख मांगें और विरोध के मुद्दे
- भारत सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड, श्रम शक्ति नीति 2025 और निजी बिल 2025 को वापस लेने की मांग।
- न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये तथा 60 वर्ष की आयु पर 10 हजार रुपये मासिक पेंशन सुनिश्चित की जाए।
- परमाणु ऊर्जा और शांति बिल वापस लिया जाए तथा बीवीजी रामजी कानून निरस्त किया जाए।
- मनरेगा में 200 दिन रोजगार की गारंटी दी जाए और मजबूत सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेश व निजीकरण को बंद किया जाए।
उद्योगों और संविदा कर्मियों की स्थिति
सभी उद्योगों में ऑपरेशन मेंटेनेंस के कार्यों में लगे सभी श्रमिकों को स्थाई कर सीमेंट वेज बोर्ड का निर्धारित वेतन दिया जाए। फिक्स टर्म रोजगार, जो सीमेंट वर्क्स लेबर कोड बिल लागू होने पर वापस नहीं स्थिति सभी श्रमिकों की हो जाएगी, इसे बाएकता एम्पलाइन एकता यूनियन ने आंदोलन के माध्यम से 2024 से समाप्त कराया।
"स्थाई व बारह मासिक चलने वाले श्रमिकों में ठेका प्रथा समाप्त करो।"
राजकीय चिकित्सालयों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को मात्र सात हजार मासिक देकर भारी शोषण किया जा रहा है। उन्हें न्यूनतम वेतन दिया जाए और पालना न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो।
स्थानीय रोजगार और शोषण के विरुद्ध आवाज
- चित्तौड़ जिले के स्थानीय मजदूरों और सभी श्रमिकों को समान कार्य का समान वेतन दिया जाए।
- सभी उद्योगों में श्रम कानूनों की पालना हो।
- रोजगार जो सांसदों व विधायकों की भेंट चढ़ गया है, उसे बहाल कराया जाए।
- विगत 12 वर्षों में पैदा हुई समस्याओं को समाप्त कर देश के किसान, मजदूर, कर्मचारी, योजना कर्मी, संविदा कर्मी और मिड-डे मील जैसे श्रमिकों का हो रहा भारी शोषण बंद हो।
सभा को संबोधित करने वाले मुख्य अतिथि एवं पदाधिकारी
इस अवसर पर आयोजित सभा को निम्नलिखित वक्ताओं ने संबोधित किया:
भगवान सिंह, भवानी सिंह, प्रभात कुमार सिन्हा, नानुलाल पंवार, धीर सिंह राठौड़, कैलाश कंवर, सत्यनारायण, नागेश कुमार तेली, राजमल शर्मा, राम सिंह, हरीश मेहता, आर.के. सिंह, रतन शर्मा, हनीफ मोहम्मद, धर्मपुरी गोस्वामी, सुनील पाटीदार, उदयराम, किशोर भाटी, अशोक शर्मा, मनोज सुधार, योगेश श्रीवास्तव, मुकेश धाकड़, राम लाल भांबी, रविन्द्र, सुमेर सिंह।
साथ ही पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष - कालू राम सुधार, जिला इंटक अध्यक्ष - बाबू लाल पंवार और लूणाराम सियाग ने संबोधित करते हुए कहा:
"उक्त सभी श्रमिक विरोधी कानून वापस लेकर श्रमिकों के हितों की रक्षा की जाए।"

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
