कोटा रेल मंडल का 74वां स्थापना दिवस: मेनाल क्लब में प्रदर्शनी और सम्मान समारोह
01 अप्रैल 1952 को स्थापित कोटा मंडल के गौरवशाली सफर पर प्रदर्शनी लगी, जिसमें कवच 4.0 तकनीक का प्रदर्शन हुआ और 41 रेलकर्मियों को पुरस्कृत किया गया।

कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने बुधवार को अपने 74वें स्थापना दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर मेनाल ऑफिसर्स क्लब में भव्यता और गौरव का एक नया अध्याय लिखा। इस त्रि-आयामी समारोह में रेलवे प्रदर्शनी, रेल सेवा पुरस्कार वितरण एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें हज़ारों कोटावासियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री अनिल कालरा द्वारा प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुआ। इस दौरान डीआरएम ने मीडिया प्रतिनिधियों से आथ्मीय संवाद करते हुए कोटा मंडल की चौहत्तर वर्षों की विकास यात्रा, मील के पत्थरों और भविष्य की रणनीतिक योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। मंडल रेल प्रबंधक एवं महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती अंशु कालरा ने संगठन की अन्य सदस्याओं के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन किया और रेलवे की जटिल कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन के अनुसार, प्रातः 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित इस प्रदर्शनी में वाणिज्य, परिचालन, कार्मिक, आरपीएफ, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, गति शक्ति यूनिट, सिग्नल एवं दूरसंचार, टीआरएस शेड तुगलकाबाद, ट्रैक्शन वितरण, ट्रैक्शन रोलिंग ऑपरेशन, यांत्रिक तथा विद्युत विभाग सहित कुल 13 स्टॉलें आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रदर्शनी में कवच 4.0 स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, अमृत भारत स्टेशन योजना, 2×25 केवी ओएचई विद्युतीकरण, हाई स्पीड ट्रायल्स, रेल मदद एवं रेलवन ऐप जैसी आधुनिक तकनीकों को कार्यशील मॉडल्स और डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से जीवंत किया गया। शहर के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन स्टॉलों के माध्यम से रेलवे के तकनीकी विकास और सुरक्षा उपायों की जानकारी प्राप्त की, जबकि सेल्फी पॉइंट्स युवाओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे।
स्थापना दिवस की इसी कड़ी में आयोजित 70वें रेल सेवा पुरस्कार समारोह के दौरान मंडल के 41 समर्पित रेलकर्मियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं, अटूट निष्ठा और उत्कृष्ट कार्यनिष्पादन के लिए सम्मानित किया गया। समारोह की संध्या को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन ने एक सांस्कृतिक उत्सव में तब्दील कर दिया। ख्यातिप्राप्त कवि श्री जगदीश सोलंकी, श्री सुरेन्द्र यादवेन्द्र, श्री रावजात शत्रु, सुश्री निशामुनि गौड़ एवं सुश्री सलोनी राणा ने अपनी ओजस्वी और मार्मिक काव्य-रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ज्ञातव्य है कि 01 अप्रैल 1952 को स्थापित कोटा मंडल आज अपने गौरवशाली 75वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। भाप इंजन के युग से शुरू हुआ यह सफर आज कवच 4.0 जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली तक पहुँच गया है। वर्तमान में कोटा मंडल भारतीय रेल का पहला ऐसा मंडल बन गया है, जिसके मथुरा से नागदा तक के संपूर्ण 549 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई मुख्य मार्ग पर कवच 4.0 सुरक्षा प्रणाली पूर्णतः क्रियान्वित है।

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