चित्तौड़गढ़। राजस्थान की प्राचीन और विश्वप्रसिद्ध पर्वत श्रृंखला अरावली की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना जिला टीम ने जोरदार रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी के साथ पीएम और सीएम के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अरावली की संरक्षण सीमा को कमजोर करने वाले निर्णयों के खिलाफ चेतावनी दी।

करणी सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई 100 मीटर ऊंचाई वाली नई परिभाषा के बाद अरावली पर्वतमाला का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा संरक्षण के दायरे से बाहर हो सकता है। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर पर्यावरणीय संकट उत्पन्न होने का खतरा है। उनका कहना था कि अरावली केवल पर्वत नहीं हैं, बल्कि राजस्थान की जल सुरक्षा, भूजल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन का प्रमुख आधार हैं। इसे कमजोर करना सूखे, प्रदूषण और पर्यावरणीय तबाही के लिए खुला निमंत्रण देने के समान है।

रैली में कानसिंहा, अरविंद सिंह, महिपाल सिंह, ब्रजेन्द्र सिंह भाटी, विजय सिंह, तेजपाल सिंह, गजराज सिंह, नरपत सिंह भाटी, निर्मला राठौड़, प्रहलाद सिंह, मीना कंवर, माया शक्तावत, सरिता राठौड़, खुशबू सिंह, कान सिंह, विक्रम सिंह, प्रहलाद सिंह, पप्पू सिंह, सुरेन्द्र सिंह, मनभान सिंह, गोविन्द सिंह और पवन सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

करणी सेना ने चेतावनी दी कि यदि आज आवाज़ नहीं उठाई गई, तो भविष्य में पीने का पानी, स्वच्छ हवा और हरियाली केवल याद बनकर रह जाएगी। उनका कहना था कि अरावली बची रहेगी तभी राजस्थान बचा रहेगा। ज्ञापन में पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाने और अरावली की सीमा को सुरक्षित रखने का आग्रह किया गया।

यह रैली केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि राजस्थान के प्राकृतिक संसाधनों और भविष्य की सुरक्षा के लिए चेतावनी का संदेश थी।

Pratahkal Newsroom

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