कपासन। सार्वजनिक जीवन में धरातल पर बिना किसी प्रचार-प्रसार के काम करने वाले लोग कई बार उपेक्षित रह जाते हैं। कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने जनप्रतिनिधि के रूप में इस स्थिति को स्वीकार करते हुए ऐसे ही एक सेवाभावी कार्यकर्ता रामचंद्र जाट के योगदान को सामने लाने और उन्हें सम्मान दिलाने की पहल की है।

विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि रामचंद्र जाट ने सिंदेसर फीडर पर दिन-रात परिश्रम कर बहते हुए व्यर्थ पानी को कपासन के रीते तालाबों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, "अपनी विधानसभा से बाहर का होकर भी, अपनों का विरोध सहकर दूसरों के हित में काम करने वाले लोग विरले होते हैं। ऐसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं की पत्रावली बनाकर स्वयं मुख्यमंत्री जी को भेजी जाएगी, ताकि इन्हें राज्य स्तर पर उचित सम्मान मिल सके। साथ ही, आगामी स्वतंत्रता दिवस पर इन्हें जिला स्तर पर सम्मानित करने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी।"

राजस्थान सरकार द्वारा जल संरक्षण और पर्यावरण चेतना के प्रोत्साहन के लिए 'जलयोद्धा' तथा उत्कृष्ट जनसेवा के लिए राजकीय सम्मान दिए जाने का प्रावधान है। ऐसे समय में जब सोशल मीडिया के माध्यम से छोटे-छोटे कार्यों का प्रचार कर पहचान हासिल कर ली जाती है, ग्रामीण आंचल के ऐसे किसान प्रतिनिधि, जो प्रचार-प्रसार से दूर रहकर केवल धरातलीय कार्य पर ध्यान केंद्रित करते हैं, उनका नाम अक्सर प्रशासनिक सूचियों से छूट जाता है।

स्थानीय प्रबुद्धजनों और किसान प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि समय रहते ऐसे निष्काम सेवाभावियों को जिला या राज्य स्तर पर पुरस्कृत करवाते हैं, तो इससे समाज में जनहित और जल संरक्षण अभियानों के प्रति सकारात्मक संदेश जाएगा।

कपासन की जनता अपने जनप्रतिनिधि के जल संकट निवारण के इस ऐतिहासिक कार्य की सराहना कर रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 15 अगस्त और आगामी 26 जनवरी के राजकीय समारोहों में इस भागीरथी अभियान के धरातलीय सहयोगियों को प्रशासनिक पहचान किस रूप में प्राप्त होती है।

Shivpal singh Panwar, Chittorgarh

Shivpal singh Panwar, Chittorgarh

नाम: शिव पाल सिंह पंवार

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: गाँव: कांकरवा, तहसील: भोपालसागर, जिला: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: 10 साल

बीट और मुख्य विषय (Beats & Coverage)

  • राजनीति: स्थानीय निकाय, पंचायत और क्षेत्र के राजनीतिक घटनाक्रम व जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों की कवरेज।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय, जनसुनवाई और विकास कार्यों की रिपोर्टिंग।
  • शिक्षा व सामाजिक मुद्दे: स्थानीय विद्यालयों की स्थिति, शिक्षा योजनाएं और ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक सरोकार से जुड़े विषय।
  • स्वास्थ्य: चिकित्सा सेवाएं, सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं और जनस्वास्थ्य से जुड़े समाचार।
  • जन समस्या: ग्रामीण अंचल की बुनियादी समस्याएं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 11वीं तक पूरी की है।

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