कांकरवा: 11 मार्च। शीतला माताजी का पुजन परम्परागत तरीके से मनाई गई। इस अवसर पर लोगो ने एक दुसरें को रंग तथा गुलाल लगा कर होली कि शुभकामनाएं दी। बुधवार अलसुबह महिलाएं सजधज कर हाथों में पुजन सामग्री कि थाली लेकर समुह के रूप में गीत गाते हुए शीतला माताजी के स्थान पर शीतला माता मंदिर पहुंची, जंहा माताजी कि श्रद्धापुर्वक पुजा अर्चना की। इसके साथ साथ ही चावल, और दही से बने औलिए और एक दिन पुर्व मंगलवार को बनाए व्यंजनों का भोग लगाकर घर के सदस्यों को निरोगी बनाए रखनें तथा सुख समृद्धि कि कामना की।

परंपराओं का निर्वहन और कथा श्रवण

इसके बाद पथवारी पुजन किया तथा समुह में दशामाताजी कि दस कथाएं सुनी। बुजूर्ग महिलाओं के चरण स्पर्ष कर आशीर्वाद लिया तथा अपनें अपने घर पहुंची। परिवार के सदस्यों को माताजी के प्रसाद का वितरण किया। चुल्हा नही जलानें की परंपरा होने से घरों में एक दिन पुर्व मंगलवार को बनाया ठंडा भोजन ही ग्रहण किया गया। घरों में मंगलवार को बनाए गए ठंडे व्यंजन ओलिया, ठोकले, पपडी, आदी का लोगो ने लुप्त उठाया।

रंग-गुलाल और उत्साह का माहौल

इधर सुबह से ही गली मोहल्लों में नवयुवकों कि टोली ने एक दुसरों को रंग तथा गुलाल लगा होली कि शुभकामनाएं दी। नवयुवकों ने ढोल कि थाप डिजे की धुन पर नाचनें कुदते थिरकते हुए जमकर रंग तथा गुलाल लगाकर रंगो के त्यौहार लुप्त उठाया। दिन चढ़ने के साथ ही लोगो की टोलिया हो हल्ला करती हुई रंग गुलाल की होली खेलने गाँव में निकल पड़े। गांव में गत वर्ष होली के बाद जहां मौत मरण होती है वहां पर गांव के लोग जाकर शोक परिवार वाले को गुलाल लगाते हैं। महिलाएं व युवतियां भी रंग उडानें में पीछे नहीं रही।

Pratahkal Bureau

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