राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कांकरवा में आज उस वक्त कोहराम मच गया जब अस्पताल परिसर के बीचों-बीच से गुजर रही 11 केवी हाई टेंशन विद्युत लाइन का एक तार अचानक टूटकर मुख्य द्वार पर गिर पड़ा। यह घटना ओपीडी समय के दौरान हुई, जब मरीज दवा लेकर अस्पताल के गेट से बाहर निकल ही रहे थे कि तभी मौत का पर्याय बना बिजली का तार उनके ठीक सामने आ गिरा। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के सुपरवाइजर कमल कुमार मीणा ने तत्काल सक्रियता दिखाई और लाइनमैन इनु कीर व लादु लाल लोहार को फोन पर सूचना देकर विद्युत आपूर्ति बंद करवाई, अन्यथा स्थिति भयावह हो सकती थी।

विद्युत लाइन का यह तार अस्पताल से आम रास्ता पार करते हुए सीधे कान सिंह चौहान के मकान की छत पर जा गिरा। गौरतलब है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के इंचार्ज द्वारा पूर्व में कई बार रात्रि चौपाल एवं 'प्रशासन गांवों के संग' शिविरों में इस खतरे से अवगत कराया जा चुका है कि केंद्र के ऊपर से गुजर रहे इन तारों को हटाया जाए, लेकिन शिकायतों के बावजूद आज तक इस दिशा में कोई समाधान नहीं किया गया। प्रशासन और विद्युत विभाग की यह चुप्पी किसी बड़े हादसे के इंतजार की ओर इशारा कर रही है। अवगत कराने के बावजूद ठोस कार्रवाई का न होना अधिकारियों की जनता की भावनाओं और बुनियादी जरूरतों के प्रति पूर्ण असंवेदनशीलता को दर्शाता है। यह अभाव प्रशासनिक लापरवाही का एक जीता-जागता और खौफनाक उदाहरण बन चुका है।

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