भूपालसागर तहसील के अंतर्गत आने वाले कांकरवा पटवार हल्का क्षेत्र के किसानों के लिए सरकारी समर्थन मूल्य पर फसल बेचना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सरकार द्वारा गेहूं और चना की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद हेतु 19 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है, किंतु विडंबना यह है कि पंजीकरण शुरू हुए 10 दिन बीत जाने के बाद भी पोर्टल पर तकनीकी खामियां बरकरार हैं। कांकरवा क्षेत्र के किसानों के लिए यह ऑनलाइन सुविधा अभी भी एक सपना बनी हुई है क्योंकि सरकारी वेबसाइट पर इस विशिष्ट क्षेत्र का नाम और जानकारी प्रदर्शित ही नहीं हो रही है, जिसके चलते किसान अपना अनिवार्य पंजीकरण करवाने में पूरी तरह असमर्थ हैं।

वर्तमान स्थिति यह है कि क्षेत्र के पीड़ित किसान जब अपनी उपज के तोल हेतु पंजीकरण करवाने ई-मित्र केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, तो उन्हें वहां से खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। ई-मित्र संचालकों का स्पष्ट कहना है कि पोर्टल पर कांकरवा हल्का क्षेत्र का विकल्प शो नहीं होने के कारण ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को पूर्ण करना तकनीकी रूप से संभव नहीं है। पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हुए एक पखवाड़े के करीब समय बीतने को है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे कृषकों में भारी रोष और अनिश्चितता का माहौल व्याप्त है।

इस गंभीर समस्या को लेकर परेशान किसानों ने संबंधित पटवारी माधव पांडे और तहसीलदार अपूर्व गौतम के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से जयपुर स्थित पोर्टल मुख्यालय को इस तकनीकी बाधा से अवगत कराया। इसके अतिरिक्त, किसानों ने स्थानीय विधायक अर्जुन लाल जीनगर से भी संपर्क कर समाधान की गुहार लगाई। विधायक जीनगर ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए जयपुर कार्यालय के तकनीकी अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश दिए ताकि अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उच्च स्तर से कड़े निर्देश प्राप्त होने के बावजूद धरातल पर अब तक कोई सुधार नजर नहीं आया है। पोर्टल की तकनीकी खामी दूर न होने से किसान अत्यंत चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि शीघ्र ही पंजीकरण की प्रक्रिया सुचारू नहीं की गई, तो उन्हें विवश होकर अपनी मेहनत की फसल औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों को बेचनी पड़ेगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति होगी। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस तकनीकी खराबी को युद्धस्तर पर ठीक कर उन्हें तत्काल राहत प्रदान की जाए।

इस प्रकरण पर भूपालसागर तहसीलदार अपूर्व गौतम का कहना है कि पोर्टल पर तकनीकी खराबी के कारण कांकरवा क्षेत्र का विकल्प प्रदर्शित नहीं होने की शिकायत जयपुर मुख्यालय में दर्ज करा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की टीम लगातार तकनीकी विभाग के संपर्क में बनी हुई है और आज भी इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है और प्राथमिकता के आधार पर इस समस्या को दूर कर पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से शुरू कराया जाएगा।

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