कांकरवा में बाबा साहेब अंबेडकर की 135वीं जयंती पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन
राजस्थान के कांकरवा में अंबेडकर विचार मंच द्वारा पहली बार शोभायात्रा और बौद्धिक गोष्ठी आयोजित, मेधावी छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित।

राजस्थान के कांकरवा में भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जन्म जयंती के अवसर पर पहली बार एक अभूतपूर्व एवं भव्य समारोह तथा शोभायात्रा का आयोजन किया गया। अंबेडकर विचार मंच संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस गौरवमयी कार्यक्रम ने न केवल बाबा साहेब के आदर्शों को जीवंत किया, बल्कि पूरे क्षेत्र में सामाजिक समरसता और भाईचारे का एक सशक्त संदेश भी प्रवाहित किया।
उत्सव का शुभारंभ रामदेव मंदिर से एक विशाल शोभायात्रा के रूप में हुआ। नीले ध्वजों और बाबा साहेब के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान यह शोभायात्रा खटीक मोहल्ला, यादव मोहल्ला, कलाल मोहल्ला, मुख्य बाजार, खोड़ा जी बावजी मंदिर, रावला चौक और सालवी मोहल्ला जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरी। समूचा गांव उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया और ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर इस जुलूस का भावभीनी स्वागत किया। शोभायात्रा का समापन पुनः रामदेव मंदिर पहुंचकर हुआ, जिसके पश्चात मंदिर परिसर में एक बौद्धिक गोष्ठी और प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रदेश कांग्रेस कमेटी SC विभाग के महासचिव गणेश लाल जाटोलिया ने बाबा साहेब के संघर्षपूर्ण जीवन और उनके द्वारा रचित विश्व के सबसे महान संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि बाबा साहेब ने शोषित और वंचित वर्ग को कानूनी अधिकार प्रदान कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए कृषि अधिकारी प्रशांत कुमार जाटोलिया ने युवाओं को शिक्षा की ओर प्रेरित करते हुए कहा कि एक शिक्षित समाज ही बाबा साहेब के सपनों का भारत निर्मित कर सकता है। वहीं राशेल लाल जाटोलिया, दिनेश बाकोलिया और दिनेश जाटोलिया ने 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मूल मंत्र को जीवन में आत्मसात करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में उपस्थित जनसमूह ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पठन कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की शपथ ली। जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के महासचिव आशीष जाटोलिया ने सभी अतिथियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं के जोश और ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से ही कांकरवा में पहली बार इस स्तर का भव्य आयोजन संभव हो पाया है। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने वालों में भंवर लाल जाटोलिया, मेघराज जाटोलिया, गणेश लाल जाटोलिया, गोपाल ढोली, भरत खटीक, मुकेश हरिजन, राजकुमार खटीक, हीरालाल सालवी, ओंकार लाल जाटोलिया, नारायण लाल रेगर, रोशन लाल जाटोलिया, माधव लाल रेगर, दिनेश बाकोलिया, जसवंत कुमार जाटोलिया, आशीष कुमार जाटोलिया, प्रकाश जाटोलिया, संपत जाटोलिया, दीपक जाटोलिया, लादू लाल पलिया, मुकेश पलिया, शंकर जाटोलिया, गणपत जाटोलिया, जगदीश जाटोलिया और भगवान लाल जाटोलिया सहित बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और मातृशक्ति सम्मिलित रही।

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