बेगूं। श्रावण मास के अवसर पर श्री जोगणिया माता शक्तिपीठ प्रबंध एवं विकास संस्थान की ओर से बुधवार को जोगणिया माता परिसर स्थित विशाल रामलीला मैदान में एक दिवसीय संगीतमय सत्संग कथा का आयोजन किया गया। कथा का वाचन संत श्री प्रेम नारायण जी महाराज (गेहूंखेड़ी) ने किया। कथा में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, विशेषकर माताओं, बहनों और बच्चों ने भाग लिया तथा मधुर भजनों और संगीतमय प्रस्तुति के साथ श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।

संत श्री प्रेम नारायण जी महाराज ने कथा के दौरान कहा कि सत्संग में वही लोग पहुंचते हैं, जिन्हें भगवान का बुलावा होता है। उन्होंने प्रेरक प्रसंगों और दृष्टांतों के माध्यम से मानव जीवन की सार्थकता, प्रभु स्मरण और श्रेष्ठ संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संसार क्षणभंगुर है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए निरंतर ईश्वर का स्मरण करना चाहिए। उनके अनुसार अंत समय में केवल प्रभु स्मरण ही साथ जाता है, जबकि सांसारिक दिखावा किसी काम नहीं आता।

कथा के दौरान संत श्री ने भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों का उदाहरण देते हुए कहा कि सच्ची भक्ति के लिए विद्वान होना आवश्यक नहीं है, बल्कि निष्काम भाव और श्रद्धा ही सबसे बड़ी साधना है। उन्होंने जीवन में विभिन्न प्रकार के ऋणों का उल्लेख करते हुए उन्हें सद्कर्मों और सेवा के माध्यम से उतारने का संदेश भी दिया।

संत श्री प्रेम नारायण जी महाराज ने माताओं और बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि मां बच्चे की प्रथम गुरु होती है। इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को श्रेष्ठ संस्कार, शिक्षा और धर्म के प्रति आस्था प्रदान करें। उन्होंने परिवार में अतिथि सत्कार, शुद्ध भाव से भोजन बनाने, जल सेवा, परिंडा लगाने तथा सेवा भाव अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि प्रेम में किसी विधि-विधान की नहीं, बल्कि केवल सच्चे भाव की आवश्यकता होती है।

उन्होंने जोगणिया माता शक्तिपीठ की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां संचालित गोशाला, वेद पाठशाला, नक्षत्र वाटिका, भव्य मंदिर तथा संतों का सतत आगमन इस तीर्थ की महिमा को और बढ़ा रहा है। उन्होंने संस्थान की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों को उल्लेखनीय बताते हुए जोगणिया माता धाम के एक भव्य तीर्थ के रूप में विकसित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

कथा के समापन पर जोगणिया माता की भव्य आरती का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ शामिल हुए। इसके बाद संस्थान के अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने संत श्री प्रेम नारायण जी महाराज का सम्मान किया तथा भविष्य में भी नियमित रूप से कथा आयोजन करने का आग्रह किया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर श्रावण मास में आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। कार्यक्रम में संस्थान के पदाधिकारी, सदस्य, क्षेत्रवासी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Deepanshu Sharma, Chittorgarh

Deepanshu Sharma, Chittorgarh

नाम: दीपांशु शर्मा

वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: बेगू तहसील (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक एवं प्रशासनिक

अनुभव: 8 वर्ष (कुल)

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता

  • राजनीतिक विश्लेषण: बेगू क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों का विश्लेषण और राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज।
  • जनसमस्याएं: आमजन की समस्याओं, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सुविधाओं से संबंधित समाचार।
  • त्वरित कवरेज: क्षेत्र में घटने वाली घटनाओं, दुर्घटनाओं और तात्कालिक खबरों की सबसे पहले कवरेज।
  • प्रशासनिक खबरें: प्रशासनिक निर्णयों, विभागीय कार्यप्रणालियों और अंदरूनी (अंदर खाने की) खबरों की सटीक जानकारी।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • प्रातःकाल: पिछले 3 वर्षों से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के साथ जुड़कर बेगू तहसील में कार्यरत हैं।
  • पूर्व अनुभव: इससे पहले 5 वर्ष पूर्व से सांध्यकालीन दैनिक 'कवर स्टोरी' समाचार पत्र से जुड़े हुए थे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

कला स्नातक (B.A.)

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