निंबाहेड़ा: जेके सीमेंट ने 'बछड़ा-बछड़ी रैली' से दिया नस्ल सुधार का संदेश
जेके ट्रस्ट द्वारा फाचर अहिरान में आयोजित प्रदर्शनी में 105 पशुपालकों ने लिया भाग, विशेषज्ञों ने मुर्रा और गिर नस्ल के पशुओं का किया मूल्यांकन।

निंबाहेड़ा। जे.के. सीमेंट वर्क्स निंबाहेड़ा द्वारा अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत पशुपालकों को सशक्त बनाने और दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से एक भव्य 'बछड़ा-बछड़ी रैली' का आयोजन किया गया। फाचर अहिरान ग्राम पंचायत में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन जे.के. ट्रस्ट के माध्यम से संचालित 'समेकित पशुधन विकास परियोजना' के अंतर्गत किया गया। वर्तमान में यह महत्वाकांक्षी परियोजना जे.के. सीमेंट लिमिटेड के निंबाहेड़ा एवं मांगरोल प्लांट के समीपवर्ती 25 ग्राम पंचायतों में सफलतापूर्वक क्रियान्वित की जा रही है, जिसका मुख्य लक्ष्य पशु नस्ल सुधार, चिकित्सा शिविर, नियमित टीकाकरण, हरा चारा उत्पादन और महिला पशुपालकों को प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी आय में प्रत्यक्ष वृद्धि सुनिश्चित करना है।
विगत कई वर्षों से जे.के. ट्रस्ट, निम्बाहेड़ा द्वारा कृत्रिम गर्भाधान की आधुनिक तकनीक अपनाकर उन्नत नस्ल की नई पीढ़ियों को तैयार किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम दूध उत्पादन में सुधार और पशुपालकों की अतिरिक्त आय के रूप में सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में आयोजित इस रैली का शुभारंभ जे.के. सीमेंट वर्क्स लिमिटेड, निंबाहेड़ा के यूनिट हेड मनीष तोषनीवाल एवं एच.आर. हेड प्रभाकर मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस कार्यक्रम में फाचर अहिरान ग्राम पंचायत के कुल 105 पशुपालकों ने अपने पूर्व-पंजीकृत पशुओं के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन हेतु पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. ओ.पी. मेहरा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी (लड्सरावन) डॉ. पुरषोत्तम गुप्ता एवं पशु चिकित्सा अधिकारी (मांगरोल) डॉ. अनिल मौर्या की एक संयुक्त विशेषज्ञ टीम का गठन किया गया। इस टीम ने मुर्रा नस्ल की भैंसों, गिर नस्ल की गायों एवं होलस्टीन फ्रीजियन (एचएफ) नस्ल के बछड़ा-बछड़ियों का गहन परीक्षण किया, जिसके पश्चात सर्वश्रेष्ठ पशुओं का चयन कर उनके पालकों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के पुरस्कारों से नवाजा गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूनिट हेड मनीष तोषनीवाल ने सभी पशुपालकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार समाज ने एकजुट होकर कोरोना संकट का सामना किया, उसी प्रकार भविष्य में आने वाले ऊर्जा संकट से लड़ने के लिए पशुपालकों को अब गोबर गैस निर्माण की ओर अग्रसर होना चाहिए। वहीं, एच.आर. हेड प्रभाकर मिश्रा ने सामाजिक सेवा के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पशुपालक दुग्ध उत्पादों का मूल्य संवर्धन (Value addition) कर बाजार में बेचें, जिससे उन्हें और अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके। जे.के. ट्रस्ट के स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. रवि यादव ने जे.के. परिवार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि समूह स्वतंत्रता पूर्व से ही समाज सेवा में संलग्न है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रैली का मूल संदेश पशु नस्ल सुधार के माध्यम से ग्रामीणों के आर्थिक स्तर को ऊपर उठाना है।

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