चित्तौड़गढ़। जिले में यूरिया वितरण प्रणाली में अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जिसके चलते महूड़ा और नंगा खेड़ी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों के अनुज्ञापत्र निलंबित कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई जिला कलेक्टर के निर्देश पर औचक निरीक्षण के बाद की गई।

जिला प्रशासन के निर्देशन में संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार डॉ. शंकर लाल जाट, सहायक निदेशक कृषि मुकेश कुमार धाकड़ और उर्वरक निरीक्षक गोपाल लाल शर्मा ने दोनों कंपनियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महूड़ा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, महूड़ा का प्रतिष्ठान बंद पाया गया। मौके पर फर्म प्रतिनिधि राधेश्याम से दूरभाष पर संपर्क किया गया, जिन्होंने स्वयं को उदयपुर होने की बात कही। अधिकारियों ने उन्हें तत्काल उर्वरक अनुज्ञापत्र से संबंधित सभी दस्तावेजों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने का आदेश दिया।

इसी तरह, नंगा खेड़ी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, नंगाखेड़ी के प्रतिनिधि शिवनारायण को भी सभी रिकॉर्ड के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के लिए पाबंद किया गया। निरीक्षण में यह पाया गया कि दोनों कंपनियों के उर्वरक स्टॉक रजिस्टर प्रमाणित नहीं थे, उर्वरक मूल्य सूची एवं स्टॉक स्थिति प्रदर्शित नहीं थी, भौतिक स्टॉक का पोस मशीन से मिलान नहीं हुआ, और यूरिया अनुज्ञापत्र में आवश्यक विवरण सम्मिलित नहीं था।

इन गंभीर कमियों के आधार पर उर्वरक निरीक्षक गोपाल लाल शर्मा ने दोनों फर्मों के अनुज्ञापत्र निलंबित करने की अनुशंसा की, जिसे जिला प्रशासन ने अग्रिम आदेशों तक लागू कर दिया। संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 7 दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। निरीक्षण के दौरान सहायक कृषि अधिकारी रामचंद्र डांगी और हरिशंकर व्यास भी उपस्थित थे।

यह कार्रवाई यूरिया वितरण में पारदर्शिता और नियामक मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई है, जिससे किसान समुदाय को समय पर और सही मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध हो सके।

Pratahkal Bureau

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