चित्तौड़गढ़ के धीरजी का खेड़ा निवासी सेना के जवान पहलवान गुर्जर का दिल्ली में हृदय गति रुकने से निधन हो गया, जिनका शुक्रवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

चित्तौड़गढ़। भारतीय सेना के एक जांबाज सपूत के असामयिक निधन से समूचे चित्तौड़गढ़ जिले सहित भदेसर क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त हो गई है। भदेसर की ग्राम पंचायत धीरजी का खेड़ा निवासी 29 वर्षीय जवान पहलवान गुर्जर का गुरुवार को देश की राजधानी दिल्ली में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने (हृदयघात) से दुखद निधन हो गया। मात्र 29 वर्ष की अल्पायु में देश के इस वीर योद्धा के चले जाने से उनके परिवार और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहलवान गुर्जर नई दिल्ली में राजपूत रेजिमेंट की 24वीं बटालियन में तैनात थे। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे जब वे अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, तभी उन्हें अचानक घबराहट महसूस हुई और सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। कर्तव्यपरायण जवान ने तुरंत अपने साथी सैनिकों को इसकी सूचना दी। सेना के साथी उन्हें बिना समय गंवाए तत्काल सैन्य अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुए, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही सुबह 6 बजकर 50 मिनट पर मार्ग में उन्होंने अंतिम सांस ली।

वीर सपूत पहलवान गुर्जर के मन में बाल्यकाल से ही देश सेवा का अटूट जज्बा था, जिसके चलते वे 20 मार्च 2017 को भारतीय सेना में सम्मिलित हुए थे। उनकी पहली नियुक्ति दिल्ली में राजपूत रेजिमेंट की 24वीं बटालियन में हुई थी, जहां वे जीवन के अंतिम क्षण तक अपनी सेवाएं देते रहे। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले पहलवान के पिता जगन्नाथ गुर्जर खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनके बड़े भाई रमेश गुर्जर धीरजी का खेड़ा पंचायत में कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं। जवान पहलवान गुर्जर अपने पीछे पत्नी और एक 3 साल की मासूम पुत्री को छोड़ गए हैं, जिनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है।

इस दुखद समाचार के मिलते ही विधायक चंद्रभान सिंह आक्या दिवंगत जवान के निवास स्थान पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। नम आंखों से सांत्वना देते हुए विधायक आक्या ने कहा कि आज भारत माता ने अपने एक वीर सपूत को खो दिया है। उन्होंने कहा कि पहलवान गुर्जर ने सेना में रहकर अपनी बहादुरी का जो परचम फहराया और देश की रक्षा में अपना सर्वस्व अर्पण किया, उसे कभी विस्मृत नहीं किया जा सकता। उनकी वीरता और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणापुंज बनी रहेगी। इस दौरान उपखण्ड अधिकारी रजनी मीणा, पुलिस उपाधीक्षक विनोद लखेरा, तहसीलदार शिव सिंह, अशोक रायका, हीरालाल रायका, पवन आचार्य, बगदीराम रायका, मंगलसिंह और मिठुसिंह सहित भारी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित रहे।

जवान की पार्थिव देह का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव धीरजी का खेड़ा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। भारतीय सेना की विशेष टुकड़ी उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर अंतिम विदाई देगी। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार परिवार के संपर्क में हैं ताकि वीर सपूत को उनकी गरिमा के अनुरूप विदाई दी जा सके।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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