बस्सी में मंगरी पर खनन माफियाओं का कब्जा, मिट्टी खोदकर लाखों की कमाई का आरोप
बस्सी के घोसुंडी पंचायत में मंगरी पर अवैध खनन जारी, जेसीबी से मिट्टी निकालकर बेचने के आरोपों के बीच प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल।

तस्वीर में घोसुंडी के मंगरी क्षेत्र में मिट्टी के खनन के बाद बनी गहरे गड्ढों वाली ढलान दिखाई दे रही है।
क्षेत्र में अवैध खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। खनन माफिया लगातार नए स्थानों को निशाना बनाकर मिट्टी का अवैध दोहन कर रहे हैं। पिछले दिनों पुलिस क्वार्टर के पीछे बड़ी मात्रा में अवैध खनन कर खुदाई करने का मामला सामने आया था, जिसे लेकर समाचार प्रकाशित किए गए थे। इसके बाद वहां अवैध खनन बंद हो गया, लेकिन अब माफियाओं ने नया ठिकाना बना लिया है।
घोसुंडी पंचायत के पाल मार्ग पर स्थित स्कूल के सामने मंगरी पर खनन शुरू कर दिया गया है। यहां रात के समय जेसीबी और ट्रैक्टरों के माध्यम से लाखों रुपये की मिट्टी निकालकर बेची जा रही है। आरोप है कि इस अवैध खनन से राजकोष को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
रात में संचालित हो रहे इस अवैध खनन को लेकर कोई भी विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। हालात यह हैं कि मंगरी अब गहरे गड्ढों में तब्दील होती जा रही है। इसी क्षेत्र में प्रतिदिन लोग बकरियां चराने के लिए जाते हैं और स्कूल सामने होने के कारण बच्चे भी इस स्थान पर पहुंचते हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
इसके बावजूद खनन माफिया ट्रैक्टरों में मिट्टी भरकर बाजारों में खुलेआम बिक्री कर रहे हैं। प्रशासनिक शिथिलता के कारण अब तक इनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
अवैध खनन को लेकर सरकार लगातार गंभीरता दिखाती है, लेकिन क्षेत्र में कथित अधिकारियों और खनन माफियाओं के आपसी गठजोड़ के चलते इस पर रोक नहीं लग पा रही है। चरनोट, बिलानाम, पहाड़ी इलाकों और मंगरी से रातोंरात बड़ी मात्रा में मिट्टी निकालकर ऊंचे दामों में बाजार में बेची जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, आपसी गठजोड़ के चलते यह कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद पुलिस क्वार्टर के पीछे अवैध खनन बंद हुआ और अचानक दूसरे स्थान पर शुरू हो गया, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अब ग्रामवासियों ने जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं जिला मुख्यालय के अधिकारियों से खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

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