चित्तौड़गढ़। गांधीनगर निवासी एक व्यक्ति द्वारा ग्राम पंचायत धनेतकलां की मिलीभगत से एक आवासीय भूखण्ड पर अवैध व्यावसायिक निर्माण कराने का मामला सामने आया है। नगर परिषद क्षेत्र में स्थित इस भूखण्ड की निर्माण स्वीकृति फर्जी तरीके से जारी करवाई गई, जिससे परिषद को लाखों रुपये का संभावित राजस्व नुकसान होने की आशंका जताई गई है।

प्रार्थी ने बताया कि दिलीप पुत्र सत्यनारायण पांड्या ने कीर्तिनगर गृह निर्माण सहकारी समिति लि., बोदियाना तहसील, जिला चित्तौड़गढ़ के भूखण्ड संख्या 11 का साईज 49 फीट बाई 89 फीट के भूखण्ड को खरीदकर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से आवासीय निर्माण स्वीकृति प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने निर्धारित सीमा से अतिक्रमण करते हुए तीन मंजिला व्यावसायिक भवन निर्माण कार्य शुरू कर दिया।

जाँच के दौरान पता चला कि भूखण्ड नगर परिषद क्षेत्र में होने के बावजूद ग्राम पंचायत धनेतकलां ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में तत्कालीन पंचायत सचिव की मिलीभगत शामिल हो सकती है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस फर्जी स्वीकृति के आधार पर बैंक से लाखों रुपये का लोन भी लिया गया है।

नगर परिषद आयुक्त कृष्ण गोपाल माली के निर्देश पर बुधवार को अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रोक दिया। परिषद ने मामले की पूर्ण जांच करने और अवैध निर्माण व अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। अधिकारियों ने भी इस तरह की निर्माण स्वीकृति को अवैध बताया।

यह मामला नगर परिषद और ग्राम पंचायत की पारस्परिक मिलीभगत, फर्जी दस्तावेज़ और नियमों की अवहेलना के गंभीर संकेत प्रस्तुत करता है। प्रार्थी ने इसके तहत सख्त कानूनी कार्रवाई और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

नगर परिषद की त्वरित कार्रवाई ने इस अवैध निर्माण को रोका और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने की दिशा में सख्त संदेश भी दिया है।

Pratahkal Bureau

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