हिन्दुस्तान जिंक शिक्षा संबल शिविर: 6 जिलों के 1600 छात्र सीख रहे हुनर
राजस्थान में ग्रामीण छात्रों के लिए शुरू हुए 9वें ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में कलात्मक कौशल, रोबोटिक्स और आधुनिक डिजिटल तकनीक से पढ़ाई कराई जा रही है।

हिन्दुस्तान जिंक और विद्या भवन सोसायटी द्वारा आयोजित 9वें आवासीय ग्रीष्मकालीन शिविर में भाग ले रहे ग्रामीण छात्र-छात्राएं शिक्षण सत्र के अतिरिक्त कौशल विकास गतिविधि के तहत एक-दूसरे के हाथों पर मेहंदी लगाने का अभ्यास करते हुए अपनी कलात्मक अभिरुचि को निखार रहे हैं।
ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण के ध्येय के साथ हिन्दुस्तान जिंक द्वारा संचालित 'शिक्षा संबल' कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविरों में राजस्थान के छह जिलों—उदयपुर, सलुम्बर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा एवं अजमेर के राजकीय विद्यालयों के 1600 से अधिक छात्र पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा को तराश रहे हैं। विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे कठिन विषयों में पारंगत करने के साथ-साथ इन शिविरों के माध्यम से उन्हें शारीरिक, खेलकूद, बौद्धिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़कर उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर किया जा रहा है। छात्रों की सक्रिय भागीदारी और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों की कड़ी में इस वर्ष 9वें ग्रीष्मकालीन शिविर का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी ग्रीष्मकालीन शिविर का औपचारिक उद्घाटन जिंक नगर स्थित जिंक स्कूल में गरिमामय समारोह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा, जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार शर्मा, कार्यक्रम अधिकारी नफीस अहमद, आरसीएचओ डॉ. प्रियंका वर्मा, चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के हेड सीएआर सुंदर राज नायडू तथा विद्या भवन से कमल महेंद्रू, नहल राजपाल एवं नेहा मुर्डिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। अकेले इस शिविर में ही 250 से अधिक छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया है, जो कार्यक्रम की लोकप्रियता को दर्शाता है। शैक्षणिक विषयों के अतिरिक्त ये शिविर कौशल विकास, व्यक्तित्व निखार और कलात्मक अभिरुचि पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे छात्रों को अपनी व्यक्तिगत क्षमताओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप बेहतर बनाने में सहायता मिल रही है।
हिन्दुस्तान जिंक द्वारा विद्या भवन सोसायटी, उदयपुर के तकनीकी सहयोग से आयोजित 9वें आवासीय ग्रीष्मकालीन शिविर का विधिवत शुभारंभ विद्या भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में किया गया। 20 मई से 19 जून तक चलने वाले इस एक माह के आवासीय प्रशिक्षण शिविर में कक्षा 8वीं, 10वीं एवं 12वीं के 340 से अधिक छात्र विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं। इस वर्ष की कार्ययोजना के अनुसार चंदेरिया, दरीबा, देबारी, कायड़, आगूचा और जावर जैसी 6 प्रमुख लोकेशन्स पर गैर-आवासीय कैंप आयोजित किए जा रहे हैं जिनमें 1200 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, उदयपुर में आयोजित 3 आवासीय कैंपों में विभिन्न लोकेशन्स से आए कक्षा 10 के 240, कक्षा 8 के 50 और कक्षा 12 के 50 मेधावी विद्यार्थी सम्मिलित हैं।
आधुनिक तकनीक के समावेश के साथ इस वर्ष आवासीय शिविरों में डिजिटल कक्षाएं, ऑडियो-विजुअल सामग्री, हैंड्स-ऑन गतिविधियां, मिट्टी कला, पॉटरी, वेस्ट सामग्री से सृजनात्मक निर्माण और रोबोटिक्स जैसी उभरती तकनीकों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। एक दशक पूर्व प्रायोगिक तौर पर शुरू किए गए इन शिविरों की सफलता का प्रमाण प्रतिवर्ष बढ़ती विद्यार्थियों की संख्या है। परिणामों में निरंतर सुधार और अनूठी शिक्षण पद्धति इस कार्यक्रम की विशिष्ट पहचान बन चुकी है। हिन्दुस्तान जिंक पिछले 20 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में रिक्तियों और अभावों को दूर करते हुए राजकीय विद्यालयों में विज्ञान, गणित एवं अंग्रेजी के विषय विशेषज्ञों के माध्यम से शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ कर रहा है। वर्तमान आवासीय शिविर में प्रवेश लेने वाले नए सत्र के विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा रुचिकर तरीकों से आधारभूत जानकारी प्रदान की जा रही है, जो उनके भविष्य की शैक्षणिक नींव को मजबूती प्रदान करेगी।

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