चित्तौड़गढ़। प्रतिमाह की भांति इस बार भी अमावस्या के अवसर पर संगम महादेव पर हरित मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था के साथ जुड़ा था, बल्कि संगम घाटों की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित पर्यावरण प्रेमियों ने संगम के घाटों की सफाई की, गाजर घास को उर्वरित किया और प्लास्टिक की थैलियों व अन्य अपशिष्ट को हटाकर पेड़-पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके पश्चात ओमप्रकाश लड्डा एवं धर्मपाल गोयल की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी पर्यावरण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।

मौनी अमावस्या जनवरी में आयोजित इस हरित मिलन और संगम महाआरती के कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के कई पहलुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान सतीश सोनी ने किचन वेस्ट मैनेजमेंट के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, जितेंद्र त्रिपाठी ने सिंदूर के वृक्ष से जुड़े संरक्षण प्रयासों की जानकारी साझा की। शिक्षण संस्थानों में पर्यावरण शिक्षा पर मुकेश साहू ने विचार रखे, जबकि बाल किशन भोई ने संगम घाट विकास योजना पर विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में कन्हैया धाकड़, सूरज सेन, चिराग उपाध्याय, पुरुषोत्तम एवं रतनलाल भोई सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि स्थानीय पर्यावरण संरक्षण प्रयासों को भी नई दिशा दी। संगम महादेव पर हरित मिलन कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय पर्यावरण को संरक्षित किया जा सकता है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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