चिकारड़ा। धार्मिक आस्था, संयम और तपस्या की परंपरा को जीवंत करते हुए चिकारड़ा नगर में तप अनुमोदन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। द्वितीय वर्षीतप आराधना की पूर्णाहुति के अवसर पर वर्षीदान के साथ निकाले गए विशाल वरघोड़े ने पूरे नगर को धर्ममय वातावरण से सराबोर कर दिया। इस आयोजन में समाजजनों, अतिथियों और श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व उपस्थिति ने इसे स्मरणीय बना दिया।

द्वितीय वर्षीतप आराधक शोभागमल छाजेड़ सपत्नीक के तप के अनुमोदन में अंतिम दिन निज आवाज से वरघोड़ा आरंभ हुआ, जो जैन मंदिर होते हुए सदर बाजार, बस स्टैंड, सांवलिया जी चौराहा पहुंचा। इसके पश्चात जुलूस पुनः बस स्टैंड, प्रजापत मोहल्ला, नीम चौक और देव गली से गुजरते हुए गुर्जर मोहल्ला स्थित सोहनराज परिसर पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में बग्गी में विराजित वर्षीतप आराधक शोभागमल छाजेड़ द्वारा वर्षीतप दान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के वस्त्र, चांदी के सिक्के और बिछूड़ियां भेंट की गईं, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

जुलूस के दौरान बस स्टैंड पर दिनेश अग्रवाल द्वारा आइसक्रीम की व्यवस्था की गई, वहीं नीम चौक पर मिनरल वाटर की समुचित व्यवस्था रही। मार्ग में समाजजनों द्वारा तपस्वी शोभागमल छाजेड़ का जगह-जगह बहुमान किया गया। जुलूस की विशेष आकर्षण रहीं वे महिलाएं, जिन्होंने तपस्वी द्वारा भेंट की गई एक ही डिजाइन की साड़ियां पहनकर आयोजन की शोभा को और भी भव्य बना दिया। सैकड़ों समाजजनों और बड़ी संख्या में मेहमानों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

वरघोड़े के पश्चात तपस्वी शोभागमल छाजेड़ गोशाला पहुंचे, जहां मेहमानों द्वारा साफा, ऊपरना और माला पहनाकर उनका सम्मान किया गया। वर्षीतप आराधना के अंतर्गत प्रतिदिन सपना चौबीसी के साथ विविध धार्मिक आयोजन किए गए। इन कार्यक्रमों में माताजी पूजन, कलश, हल्दी और मेहंदी की रस्मों का विधिवत निर्वहन किया गया। इसके साथ ही द्वितीय पुत्र जन्मोत्सव का आयोजन भी हुआ, जिसने धार्मिक आयोजनों में पारिवारिक उल्लास का रंग भर दिया।

कार्यक्रमों की श्रृंखला में निंबाहेड़ा के 50 वर्षीतप आराधकों का भी जुलूस निकालकर सम्मान किया गया। इस महोत्सव में राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश से आए सैकड़ों मेहमानों की गरिमामयी उपस्थिति रही। बहुमान करने वालों में गौशाला के दिनेश अग्रवाल, सांवलिया जी मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, पूर्व अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक ललित ओसवाल, जिला परिषद सदस्य किशन लाल अहीर, नीमच के सुनील गोपावत और अनिल नाहटा सहित सैकड़ों समाजजन और ग्रामीण शामिल रहे।

महोत्सव के अंतिम दिन गौतम प्रसादी के आयोजन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। तप, त्याग और सामूहिक सहभागिता से सजे इस आयोजन ने न केवल जैन परंपराओं की गूंज को सुदृढ़ किया, बल्कि चिकारड़ा को धार्मिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी प्रतिष्ठित किया।

Pratahkal Bureau

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