जिले के राजकीय विद्यालयों में शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास में जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने शुक्रवार को अपने कक्ष में विभिन्न ब्लॉकों से आए विद्यालय विकास में उल्लेखनीय सहयोग करने वाले 11 भामाशाहों का सम्मान किया।

जिला कलक्टर ने सभी भामाशाहों का पगड़ी एवं दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया और विद्यालयों एवं विद्यार्थियों के हित में किए गए उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के विकास में जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज के सक्षम एवं जागरूक लोग आगे आकर विद्यालयों के लिए सहयोग करते हैं तो विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ विद्यालयों के प्रति समाज की जिम्मेदारी और जुड़ाव भी मजबूत होता है।

डॉ. मंजू ने कहा कि भामाशाहों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किया गया सहयोग विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने भामाशाहों का आह्वान किया कि वे भविष्य में भी इसी प्रकार विद्यालयों के विकास में सहयोग करते रहें और अपने आसपास के अन्य लोगों को भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनसहयोग की यह भावना जिले के अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणादायी बनेगी।

सम्मान समारोह के दौरान भामाशाहों ने विद्यालय एवं विद्यार्थियों के हित में किए गए अपने सहयोग के अनुभव साझा किए। जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।

समारोह में कपासन ब्लॉक के देवीलाल जाट, डूंगला के भगवत सिंह झाला, राशमी के भगवान लाल सुथार, बेगू के समस्त ग्रामवासी एवं समिति सदस्य, बड़ीसादड़ी के देवीलाल मीणा, भदेसर के भेरूलाल खरोल, चित्तौड़गढ़ के धर्मेन्द्र सिंह, गंगरार के ईश्वर कुमार कोचिटा, निम्बाहेड़ा के अशोक धाकड़ एवं मानसिंह चौहान का सम्मान किया गया।

इस अवसर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा ने विद्यालयों के विकास में सहयोग करने वाले सभी भामाशाहों के प्रति आभार व्यक्त किया। डाइट के प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार शर्मा एवं जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक शिक्षा घनश्याम गोड़ सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं विद्यालयों के शिक्षकों ने भी भामाशाहों के योगदान की सराहना की।

समारोह में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, संबंधित अधिकारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। सम्मान समारोह ने विद्यालयों के विकास में जनसहभागिता और सामाजिक सहयोग की भूमिका को रेखांकित किया।

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