चित्तौड़गढ़/फतेहनगर। कृषि उपज मण्डी समिति फतेहनगर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जो क्षेत्र के हजारों किसानों और व्यापारियों के व्यापारिक गणित को प्रभावित कर सकती है। मण्डी प्रशासन द्वारा जारी ताजा सूचना के अनुसार, आने वाले दिनों में मण्डी प्रांगण में कृषि जिंसों की नीलामी का पहिया पूरी तरह से थमने वाला है। 23 जनवरी से लेकर 26 जनवरी तक लगातार चार दिनों के लंबे अवकाश के कारण व्यापारिक गतिविधियां ठप रहेंगी, जिससे मण्डी परिसर में सन्नाटा पसरा नजर आएगा।

इस अवकाश की शुरुआत 23 जनवरी को बसंत पंचमी के पावन पर्व से होगी, जिसके उपलक्ष्य में मण्डी में नीलामी कार्य बंद रखा गया है। इसके ठीक बाद 24 जनवरी को शनिवार और 25 जनवरी को रविवार का बैंक अवकाश होने के कारण वित्तीय लेनदेन प्रभावित रहेंगे, जिसके चलते मण्डी ने अपनी कार्यप्रणाली को विराम देने का निर्णय लिया है। अवकाश का यह सिलसिला 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व तक जारी रहेगा। मण्डी समिति ने आधिकारिक तौर पर किसानों से पुरजोर अपील की है कि वे इन चार दिनों के दौरान अपनी उपज लेकर मण्डी प्रांगण में न पहुंचें, क्योंकि इस अवधि में मण्डी के प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद रहेंगे और किसी भी प्रकार की आवक को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यदि वर्तमान मण्डी भावों और आवक की बात करें, तो 21 जनवरी 2026 को कांकरवा क्षेत्र सहित आसपास की उपज की स्थिति स्थिर देखी गई। मण्डी में गेहूं के दाम 2558 रुपये से लेकर 2703 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर रहे। वहीं, पीली हाइब्रिड मक्का की आवक 1460 रुपये से 1685 रुपये के बीच दर्ज की गई। सरसों के बाजार में भी तेजी का रुख रहा, जहां न्यूनतम भाव 6000 रुपये और उच्चतम भाव 6675 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे। मण्डी प्रशासन का यह कदम न केवल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए है, बल्कि किसानों को अनावश्यक परेशानी और परिवहन के खर्च से बचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। मण्डी समिति ने स्पष्ट किया है कि 27 जनवरी से पुनः विधिवत रूप से नीलामी कार्य और आवक शुरू की जाएगी।

Next Story