डूंगला जनसुनवाई: सुविधाओं के अभाव और सरकारी लापरवाही पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
डूंगला आईटी केंद्र में आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और अतिक्रमण की समस्याओं को लेकर अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी।

डूंगला में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक स्थानीय ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए।
डूंगला उपखंड मुख्यालय के आईटी केंद्र सभागार में आयोजित द्वितीय गुरुवार की जनसुनवाई में स्थानीय समस्याओं का अंबार देखने को मिला, जहां ग्रामीणों ने विकास कार्यों में बरती जा रही अनियमितताओं और सरकारी उदासीनता के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में सड़क, नाली, अतिक्रमण, पेयजल, विद्युत और शिक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ। जनसुनवाई के दौरान सबसे अधिक आक्रोश चिकारड़ा ग्राम पंचायत के निवासियों में देखा गया, जिन्होंने पिछले पांच वर्षों से नालियों की सफाई न होने और अधूरी सड़क निर्माण के कारण हो रही भारी परेशानियों को प्रमुखता से रखा। ग्रामीणों ने शिकायत की कि एक प्रमुख गली में नाली न बनने से दो वर्षों से आवागमन पूरी तरह बाधित है।
इस दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए। परिवादियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं होने के कारण आमजन को भुगतना पड़ रहा है। अतिक्रमण का मुद्दा भी बैठक का मुख्य केंद्र रहा, जहां बार-बार कार्रवाई के बावजूद चारागाह भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा पुनः कब्जा कर लेने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाए गए। उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासनिक सख्ती की मांग करते हुए कहा कि प्रभावी कार्रवाई के बिना ऐसी पुनरावृत्ति को रोकना असंभव है। वहीं, स्थानीय समस्याओं के अंतर्गत इंग्लिश मीडियम विद्यालय को पुनः हिंदी माध्यम में बदलने और बिजली-पानी की आपूर्ति में सुधार के लिए भी प्रार्थना पत्र सौंपे गए।
जनसुनवाई में राज्य सरकार के 181 जन शिकायत पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी तीखी बहस हुई। परिवादियों ने आरोप लगाया कि कुछ विभाग वास्तविक समाधान किए बिना ही शिकायतों का निस्तारण दिखाकर शासन को गुमराह कर रहे हैं। इन तमाम शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया और शेष समस्याओं के लिए दो दिन की समय सीमा तय करते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उपखंड अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर विकास अधिकारी दुर्गा प्रसाद कुमावत, तहसीलदार मोहनलाल त्रिवेदी सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा दिए गए दो दिन के अल्टीमेटम ने अब स्थानीय समस्याओं के समाधान की उम्मीदों को नया मोड़ दे दिया है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
