डूंगला। चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला उपखंड की फिजाओं में गुरुवार की रात आम जनमानस की शिकायतों और प्रशासनिक तत्परता का संगम देखने को मिला। सेमलिया ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित इस ऐतिहासिक रात्रि चौपाल में न्याय की उम्मीद लेकर आए ग्रामीणों की आंखों में उस वक्त चमक आई, जब अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने सीधे लहजे में स्पष्ट कर दिया कि सार्वजनिक रास्तों में रोड़ा अटकाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सेमलिया के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में सजी इस प्रशासनिक चौपाल में जिले के आला अधिकारियों की मौजूदगी ने यह संदेश दे दिया कि गांव की समस्या अब गांव में ही सुलझाई जाएगी।

रात्रि चौपाल की कमान संभालते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामचंद्र खटीक ने जैसे ही जनसुनवाई शुरू की, वैसे ही अधिकांश परिवादों ने क्षेत्र में फैलते अतिक्रमण के पैर और अवरुद्ध होते रास्तों की पीड़ा बयां की। कुल 25 गंभीर प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए एडीएम खटीक ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देकर न्याय की फाइलें आगे बढ़ाईं। ग्रामीणों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए उन्होंने दो-टूक कहा कि गांव की सार्वजनिक जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दूसरों के रास्तों में दीवार खड़ी करने वाले लोग विकास की गति को रोक रहे हैं, जिसे प्रशासन कतई स्वीकार नहीं करेगा।





प्रशासनिक दक्षता का परिचय देते हुए एडीएम ने अधिकारियों को टीम बनाकर इन शिकायतों का निस्तारण करने के कड़े आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो सुझाव ग्रामीणों द्वारा प्राप्त हुए हैं, उन पर तुरंत प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को प्रेषित किया जाए ताकि त्वरित कार्रवाई अमल में लाई जा सके। चौपाल में मौजूद उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक, जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा, तहसीलदार गुणवंत माली और विकास अधिकारी दुर्गा प्रसाद कुमावत को उन्होंने अधिकांश मामले महज 24 घंटे के भीतर निपटाने का लक्ष्य दिया।

इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान अतिरिक्त विकास अधिकारी संजय वैष्णव, नरेश ढ़ाबरिया, प्रधानाचार्य लक्ष्मी लाल शर्मा, प्रशासक भगवंती देवी, ग्राम विकास अधिकारी गिरीश शर्मा, सीआई शैतान सिंह और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गोपीलाल भाम्बी सहित कई ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता ने ग्रामीणों में विश्वास जगाया है कि नियम-कायदों की अनदेखी करने वालों पर शिकंजा कसेगा और सार्वजनिक संपत्तियों पर आम जनता का हक सुरक्षित रहेगा। यह चौपाल न केवल शिकायतों के निवारण का मंच बनी, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच बढ़ती दूरियों को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुई।

Praveen Mehta, Dungla

Praveen Mehta, Dungla

नाम: प्रवीण मेहता

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातकाल)

कार्यक्षेत्र: डूंगला उपखंड, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, और राजनीति

परिचय

प्रवीण मेहता राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले डूंगला उपखंड क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा व्यवस्था, स्थानीय राजनीति, घटना-दुर्घटना और जनहित से जुड़े कार्यों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाना, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इन योजनाओं से जोड़ना और सामाजिक सरोकार के मुद्दों को निष्पक्षता से उठाना है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

प्रवीण मेहता को प्रिंट और डिजिटल मीडिया में दो दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:

  • जय राजस्थान, मेवाड़ी मीरा, और जननायक: वर्ष 2002 में इन समाचार पत्रों में कार्य किया।
  • दैनिक दशपुर एक्सप्रेस: वर्ष 2006 से लगातार 12 वर्षों तक इस समाचार पत्र में अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक भास्कर: वर्ष 2008 से 2012 तक संवाददाता और एजेंसी के रूप में कार्य किया।
  • प्रातकाल: वर्ष 2018 से वर्तमान तक लगातार 'प्रातकाल' समाचार पत्र के संवाददाता के रूप में डूंगला क्षेत्र में कार्यरत हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 10वीं कक्षा तक पूरी की है।

Next Story