चित्तौड़गढ़ में 'ड्रग्स फैक्ट्री' का भंडाफोड़: सुनसान बाड़े में पकड़ी गई हाई-टेक लैब, 5 किलो एमडी और भारी मात्रा में केमिकल बरामद
चित्तौड़गढ़ के सुरजना गांव में सीबीएन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हाई-टेक ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। टीम ने 5 किलो से अधिक एमडी ड्रग्स, 200 किलो केमिकल और लैब उपकरण जब्त किए हैं। मंदसौर निवासी सोनू सिंह उर्फ अकबर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मकान मालिक मांगीलाल धाकड़ से पूछताछ जारी है। इंदौर से जुड़े इस ड्रग सिंडिकेट की जांच अब तेज हो गई है।

चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। जिले के सुरजना गांव के एक सुनसान बाड़े में पशुओं के बीच मौत का सामान यानी सिंथेटिक ड्रग्स तैयार किया जा रहा था। बुधवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर इस हाई-टेक ड्रग लैब पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए भारी मात्रा में मादक पदार्थ और रसायनों का जखीरा जब्त किया है। राजस्थान में एमडी ड्रग बनाने वाली फैक्ट्री के खिलाफ सीबीएन की यह अपनी तरह की पहली और सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
नारकोटिक्स विभाग के तीनों खंडों के निवारक दल ने जब एक साथ सुरजना गांव के बाहरी इलाके में स्थित एक मकान और बाड़े की घेराबंदी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। पिछले 5-6 महीनों से चल रही इस अवैध फैक्ट्री में हाई-टेक लैब उपकरण और बर्तनों की मदद से खतरनाक मेफेड्रोन (MD) तैयार की जा रही थी। इस छापेमारी में सीबीएन ने कुल 5 किलो 894 ग्राम मादक पदार्थ जब्त किया है। इसमें 107 ग्राम शुद्ध एमडी पाउडर, 3 किलो 961 ग्राम एमडी क्रूड और 1 किलो 826 ग्राम अल्प्राजोलम शामिल है। इतना ही नहीं, मौके से लगभग 200 किलो प्रिकर्सर केमिकल भी बरामद किया गया है, जिसका उपयोग एमडी ड्रग्स बनाने के कच्चे माल के रूप में किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से सोनू सिंह उर्फ अकबर (पुत्र बलजीत सिंह उर्फ महमूद खान), निवासी मंदसौर को हिरासत में लिया, जिसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया कि सोनू सिंह यहां एक गार्ड और हेल्पर की भूमिका निभा रहा था, जो न केवल फैक्ट्री की निगरानी करता था बल्कि बाहरी दुनिया से इस काले कारोबार को छुपाने में भी माहिर था। मामले की गहराई में जाते हुए सीबीएन ने मकान और बाड़े के मालिक मांगीलाल धाकड़ को भी हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। जांच अधिकारियों के अनुसार, जिस बाड़े में यह लैब चल रही थी वहां पशुओं का नियमित आना-जाना था, जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि मांगीलाल को इस अवैध गतिविधि की पूरी जानकारी थी।
जिला अफीम अधिकारी राजेश कुमार मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इस लैब के लिए कच्चा माल और केमिकल विशेष रूप से इंदौर से मंगवाया जाता था। इंदौर से तस्करी कर लाए गए इन रसायनों से तैयार की जा रही यह ड्रग इतनी खतरनाक थी कि यह क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को पूरी तरह बर्बाद कर सकती थी। हालांकि प्रशासन ने अभी मुख्य सरगना का नाम उजागर नहीं किया है, लेकिन उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के बाद एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
फिलहाल, सीबीएन ने तस्करी में प्रयुक्त एक बाइक और लैब के सभी उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है। यह कार्रवाई न केवल चित्तौड़गढ़ बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है कि किस तरह अपराधी अब ग्रामीण इलाकों को अपने सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। विभाग का दावा है कि आने वाले दिनों में इस कड़ी से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं और गिरफ्तारियों का सिलसिला अभी थमा नहीं है।

