मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ताराचन्द गुप्ता का स्वास्थ्य केंद्रों पर औचक निरीक्षण
बदलते मौसम और मौसमी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर, मलेरिया क्रैश प्रोग्राम और फील्ड विजिट के माध्यम से गतिविधियों की सघन निगरानी।

बदलते मानसून के मिजाज, कभी तेज धूप, कभी भारी बारिश तो कभी अचानक बढ़ती ठंड के कारण चिकित्सा संस्थानों में मरीजों की आवाजाही में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ताराचन्द गुप्ता ने समस्त विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तरीय अधिकारियों ने आज अपने आवंटित क्षेत्रों का दौरा किया, जहां डॉ. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि समस्त ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को मच्छर रोधी गतिविधियों के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए पाबंद कर दिया गया है। मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों को फील्ड विजिट कर 'मलेरिया क्रैश प्रोग्राम' के अंतर्गत हो रही गतिविधियों की सघन मॉनिटरिंग एवं सुपरविजन के सख्त निर्देश प्रदान किए गए हैं। इसी क्रम में डॉ. गुप्ता ने आज बड़ीसादड़ी खंड के केवलपुरा का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां साफ-सफाई, दवाओं के भंडारण की व्यवस्था, वार्ड प्रबंधन, ड्यूटी रजिस्टर, प्रयोगशाला में हो रही जांचों सहित ओपीडी एवं आईपीडी वार्ड का बारीकी से अवलोकन किया तथा जहां भी सुधार की गुंजाइश दिखी, वहां तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के अभियान के तहत डॉ. पुनीत कुमार तिवारी ने आज कपासन खंड के नगर स्थित जनता क्लिनिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्र मुंगाना का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में आशा सहयोगिनी, एएनएम एवं सीएचओ द्वारा किए जा रहे कार्यों का सूक्ष्म आकलन व विश्लेषण किया। डॉ. तिवारी ने सुधार के निर्देश देते हुए एंटीलार्वल, एंटी एडल्ट, सोर्स रिडक्शन एवं घर-घर सर्वे की गतिविधियों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बुखार, खांसी, जुकाम, उल्टी और दस्त के लक्षण वाले रोगियों की सक्रिय खोज कर उन्हें आमूल उपचार प्रदान कर रही हैं। साथ ही, मौसमी बीमारियों से बचाव, रोकथाम और नियंत्रण के उपायों हेतु जन-सामान्य को स्वास्थ्य शिक्षा दी जा रही है। गंदे पानी के ठहराव वाले स्थानों पर क्रूड ऑयल डालने और गम्बुशिया मछली छोड़ने जैसे एहतियाती कार्य भी युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रियंका वर्मा ने खंड निम्बाहेड़ा के सतखण्डा एवं अरनोदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने वहां की आवश्यक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की। चिकित्सा विभाग ने वर्तमान में बढ़ते तापमान को देखते हुए हीट वेव एवं लू तापघात से बचाव हेतु स्वास्थ्य परामर्श भी जारी किया है। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे गर्मी से बचाव के लिए हल्के कपड़े पहनें, अधिकतम पानी और जूस का सेवन करें, यथासंभव छायादार स्थानों पर रहें और सुपाच्य एवं हल्के भोजन का उपयोग करें। साथ ही आहार में दही, छाछ, लस्सी, कच्ची केरी व प्याज का अधिक से अधिक समावेश करने और आवश्यकता पड़ने पर छाता लेकर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है ताकि मौसमी प्रतिकूलता के बीच जन-स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।

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