अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता और बढ़ती महंगाई के बीच क्षेत्र में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। हाल के दिनों में गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें देखने को मिली हैं, जबकि कई उपभोक्ताओं ने समय पर घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायत की है। इसी बीच शहर में घरेलू गैस सिलेंडरों के कथित व्यावसायिक उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि एक ओर आम घरेलू उपभोक्ता गैस के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के अनेक होटल, भोजनालय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग खुलेआम किया जा रहा है। क्षेत्र में चर्चा है कि बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के बजाय घरेलू अथवा उज्ज्वला योजना के सिलेंडरों का उपयोग हो रहा है।

जानकारों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित हैं, जबकि होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक इकाइयों के लिए अलग श्रेणी के व्यावसायिक सिलेंडर निर्धारित किए गए हैं। नियमों के अनुसार घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है। वहीं व्यावसायिक गैस सिलेंडर भी मानकधारक उपभोक्ताओं को ही दिए जा सकते हैं, मगर क्षेत्र में चर्चा है कि कोई भी व्यक्ति व्यावसायिक गैस टंकी एजेंसी से प्राप्त कर सकता है।

क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कुछ उपभोक्ताओं की गैस डायरियां और दस्तावेज कथित कालाबाजारी करने वालों के पास हैं तथा उन्हीं के माध्यम से सिलेंडरों की रिफिलिंग कराई जाती है और मनमाने रुपए वसूले जाते हैं। आरोप है कि कुछ होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारी विभिन्न उपभोक्ताओं के नाम पर जारी सिलेंडर एजेंसियों से प्राप्त कर उनका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों में कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि इन व्यक्तियों की जानकारी गैस एजेंसी के पास भी उपलब्ध है, लेकिन उन्हें एजेंसी का संरक्षण प्राप्त है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इस प्रकार की गतिविधियां जारी रहती हैं तो इसका सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। लोगों का मानना है कि घरेलू गैस का कथित दुरुपयोग होने से पात्र उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने में कठिनाई उत्पन्न होती है।

क्षेत्रवासियों ने रसद विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा नियमों के विपरीत घरेलू गैस का उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से इस प्रकार की गतिविधियों की चर्चा होती रही है, लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है।

नागरिकों ने गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग भी उठाई है। उनका सुझाव है कि जिस उपभोक्ता के नाम पर सिलेंडर जारी किया जाए, उसी उपभोक्ता से खाली सिलेंडर लेकर नया सिलेंडर उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए। लोगों का आरोप है कि वितरण प्रणाली में प्रभावी निगरानी के अभाव में कथित अनियमितताओं को बढ़ावा मिल रहा है।

हालांकि, गैस एजेंसी प्रबंधन और संबंधित विभाग की ओर से पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधी हुई है। वहीं आमजन का कहना है कि गैस संकट और बढ़ती महंगाई के दौर में घरेलू गैस के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को समय पर रसोई गैस उपलब्ध हो सके। मामले को लेकर उठ रहे सवालों ने गैस वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता, निगरानी और जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

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