जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव योगिता पारीक ने बंदियों और पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कारागृह की रसोई और सखी वन स्टॉप सेंटर की सुविधाओं की समीक्षा की।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव योगिता पारीक ने गुरुवार को जिला कारागृह का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रसोईघर, बैरक, शौचालय एवं स्नानागार का अवलोकन किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली। साथ ही बंदी विधिक सहायता क्लिनिक रजिस्टर की जांच करते हुए लीगल हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया।

सचिव पारीक ने बंदियों को जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी बंदी की ओर से कोई अधिवक्ता पैरवी नहीं कर रहा है अथवा उसे निःशुल्क विधिक सहायता की आवश्यकता है, तो वह बंदी विधिक सहायता क्लिनिक के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने जिन बंदियों के जमानत आवेदन लंबित हैं, उनके परिजनों से संपर्क कर जमानती प्रस्तुत करवाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक नरेंद्र स्वामी, एलएडीसी चीफ सावन श्रीमाली एवं असिस्टेंट एलएडीसी प्रदीप राणावत उपस्थित रहे।

इसी क्रम में सचिव योगिता पारीक ने महिला अधिकारिता विभाग परिसर, चंदेरिया थाने के पीछे संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पीड़िताओं को विधिक सहायता से सीधे जोड़ने की प्रक्रिया की समीक्षा की तथा केस रजिस्टर एवं संबंधित दस्तावेजों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने सेंटर पर आश्रित एक नाबालिग बालिका से भी संवाद किया।

लीगल काउंसलर रतनी कुमावत ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर हिंसा से पीड़ित महिलाओं को पांच दिनों तक अस्थायी आश्रय प्रदान करता है तथा यहां सीसीटीवी और सी-डैक सिस्टम सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। सेंटर पर पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर आश्रय, काउंसलिंग, चिकित्सा, पुलिस सहायता एवं कानूनी परामर्श की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध कराई जाती है। निरीक्षण के दौरान केंद्र की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इस अवसर पर प्रभारी नीतू जोशी, ममता तेली, सविता माली, चांदी जाट, मयंक भटनागर एवं महिला कांस्टेबल मैना सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।

यह निरीक्षण जिला स्तर पर विधिक सहायता एवं महिला सुरक्षा सेवाओं की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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