25 करोड़ की डीके फीडर मरम्मत योजना पर विवाद गहराया, जीतावास में किसानों के विरोध से काम ठप, मामला थाने पहुंचा
डीके फीडर मरम्मत योजना को लेकर जीतावास में किसानों के विरोध के बाद काम बंद हो गया है। मामला थाने पहुंचने से योजना के समय पर पूरा होने पर सवाल खड़े हो गए हैं।

भूपालसागर में डीके फीडर मरम्मत कार्य स्थल पर पड़े निर्माण सामग्री के ढेर और रुकी हुई नहर की संरचना।
क्षेत्र के सूखे तालाबों को बनास नदी के अतिरिक्त पानी से भरने के उद्देश्य से संचालित 25 करोड़ रुपये की डीके फीडर मरम्मत योजना विवादों के घेरे में आ गई है। जीतावास क्षेत्र में नहर मरम्मत एवं पिचिंग कार्य शुरू होते ही स्थानीय किसानों ने कृषि भूमि प्रभावित होने का हवाला देते हुए कार्य रुकवा दिया। किसानों का कहना है कि यदि उनकी भूमि योजना की जद में आती है तो उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाए।
विवाद बढ़ने के बाद मामला थाने तक पहुंच गया है। इसके चलते सिंचाई विभाग के ठेकेदार ने फिलहाल कार्य बंद कर दिया है, जिससे बरसात से पहले योजना पूरी होने पर संशय पैदा हो गया है।
किसानों ने आरोप लगाया है कि विवाद के समाधान के लिए न तो सिंचाई विभाग के अधिकारी सक्रिय हैं और न ही प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल की गई है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया, जिससे क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलमगरा के पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता रोशन टुकलिया ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर, राजसमंद जिला कलेक्टर अरुण हसीजा तथा चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर डॉ. मंजू को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
डीके फीडर योजना का उद्देश्य बनास नदी के अतिरिक्त जल का उपयोग कर क्षेत्र के सूखे तालाबों का पुनर्भरण करना है, जिससे भविष्य में जल संकट को कम किया जा सके। जीतावास ग्राम पंचायत भी प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग का समर्थन कर चुकी है।
भाजपा नेता रोशन टुकलिया ने कहा, "प्रभावित किसानों, सिंचाई विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाकर किसानों की उचित मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाए। बरसात से पहले सर्वसम्मति से समाधान निकालना जरूरी है, ताकि यह महत्वपूर्ण योजना समय पर पूरी हो सके।"
फोटो कैप्शन: भूपालसागर: विवाद के बाद बंद पड़ा डीके फीडर मरम्मत कार्य, अपनी मरम्मत का इंतजार करती नहर।

Arvind Garg, Bhupalsagar
नाम: अरविंद गर्ग
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: उपखण्ड भूपालसागर, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम (अपराध) व राजनीति
अनुभव: 13 साल
परिचय
अरविंद गर्ग चित्तौड़गढ़ जिले के भूपालसागर उपखंड क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से जमीनी स्तर की खोजी और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं। अरविंद गर्ग अपने उपखंड और उसके आसपास के क्षेत्रों में क्राइम, राजनीति, सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, स्थानीय विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
स्नातक (Graduate)
