जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने की समीक्षा बैठक, फ्लैगशिप योजनाओं पर दिए निर्देश
कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में कलक्टर ने जनहितकारी योजनाओं को अंतिम पायदान तक पहुँचाने, पेयजल आपूर्ति और विद्युत तंत्र को सुदृढ़ करने के सख्त निर्देश जारी किए।

कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करतीं जिला कलक्टर डॉ. मंजू (मध्य में) एवं उपस्थित अन्य प्रशासनिक अधिकारी।
विकास की दौड़ में जिले को राज्य भर में अग्रणी पंक्ति में खड़ा करने के संकल्प के साथ जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। सरकार की मंशा के अनुरूप केंद्र एवं राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं तथा बजट घोषणाओं की विभागवार प्रगति का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए कलक्टर ने स्पष्ट निर्देशित किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पूर्ण पारदर्शिता, उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजकीय सेवाओं में जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन ही प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत नवीन पात्र परिवारों को जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि कोई भी वंचित न रहे। ऊर्जा विभाग की समीक्षा में कुसुम योजना और संशोधित वितरण क्षेत्र योजना के माध्यम से विद्युत आपूर्ति तंत्र को सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने पर जोर दिया गया। महिला सशक्तिकरण को आधार देते हुए महिला अधिकारिता विभाग को लाडो प्रोत्साहन योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लखपति दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी एवं पशु सखी जैसी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए गए। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और नवाचारों के जरिए जल संरक्षण आधारित खेती को बढ़ावा देने हेतु पाबंद किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु चिकित्सा विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन की प्रगति पर चर्चा की गई, वहीं भू-जल विभाग को जल पुनर्भरण कार्यों में गति लाने को कहा गया।
ग्रामीण विकास की दिशा में स्वच्छ भारत मिशन, स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री जन स्वावलंबन अभियान 2.0, प्रधानमंत्री आवास योजना और पण्डित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने की हिदायत दी गई, साथ ही 'कर्मभूमि से मातृभूमि' अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया गया। शिक्षा क्षेत्र में अटल ज्ञान केन्द्र और मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत विद्यालयों में मिड-डे-मील और बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता पर फीडबैक लिया गया। सार्वजनिक निर्माण विभाग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और अटल प्रगति पथ के कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश मिले। नगर निकायों को मुख्यमंत्री स्वनिधि और अमृत योजना के साथ-साथ शहर की स्वच्छता, प्रकाश और पार्कों के रखरखाव के लिए शाम को क्षेत्रीय भ्रमण कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए गए। उद्योग विभाग को पीएम विश्वकर्मा योजना के जरिए पारंपरिक कारीगरों को स्वरोजगार से जोड़ने और वन विभाग को मिशन हरियालो राजस्थान के तहत वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने हेतु निर्देशित किया गया। जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए पीएचईडी को नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। संपर्क पोर्टल के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण और ई-फाइल प्रणाली की अनिवार्यता पर बल देते हुए कलक्टर ने नवाचार और पारदर्शिता के साथ जिले के विकास को नई ऊंचाई देने का आह्वान किया। बैठक में अति कलक्टर प्रभा गौतम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक, अति कलक्टर रामचंद्र खटीक, अति मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित, यूआईटी सचिव एवं नगर परिषद आयुक्त कैलाश चंद्र गुर्जर सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
