जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन ने 150 ई-लाइब्रेरी विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिला मुख्यालय के साथ उपखण्डों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक अध्ययन संसाधन पहुंचाने की इस पहल की शुरुआत जिला मुख्यालय स्थित सूचना केंद्र की लाइब्रेरी से हो चुकी है। यहां वर्तमान में करीब 100 छात्र-छात्राएं नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं।

जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए 150 ई-लाइब्रेरी विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। इन ई-लाइब्रेरियों को जिला मुख्यालय के साथ-साथ उपखण्डों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की परिकल्पना है, ताकि विद्यार्थियों को अपने आसपास ही गुणवत्तापूर्ण अध्ययन संसाधन उपलब्ध हो सकें।

सूचना केंद्र की लाइब्रेरी में वर्तमान में करीब 100 विद्यार्थी नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं। इनमें कोई प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटा है तो कोई अपनी नियमित पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए शांत और सुविधाजनक वातावरण का लाभ उठा रहा है। एक ही स्थान पर अध्ययन करते विद्यार्थियों की तस्वीर युवाओं में पढ़ने, सीखने और आगे बढ़ने की ललक को सामने रखती है। आवश्यकता उन्हें बेहतर वातावरण और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की है।

सूचना केंद्र की यह लाइब्रेरी अब केवल पुस्तकों के अध्ययन का स्थान नहीं रह गई है, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को आकार देने वाले आधुनिक अध्ययन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रही है। 150 ई-लाइब्रेरी के बड़े लक्ष्य की शुरुआत यहीं से हुई है और इसे जिले के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में प्रशासनिक पहल की जा रही है।

150 ई-लाइब्रेरी की परिकल्पना में ग्रामीण विद्यार्थियों तक अध्ययन सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण पहलू है। प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को दूर शहरों में जाने या महंगे निजी संसाधनों पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम हो, इसके लिए उनके नजदीक ही आधुनिक डिजिटल अध्ययन सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

ई-लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल अध्ययन सामग्री, ई-बुक्स, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सामग्री और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का लाभ उपलब्ध कराया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य शहर और गांव के बीच शैक्षणिक संसाधनों की दूरी को कम करना और प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।

शिक्षा के विकास में सरकार और प्रशासन के साथ समाज की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया है। जिले में विभिन्न विद्यालयों के विकास के लिए भामाशाहों और समाजसेवियों द्वारा लगातार सहयोग किया जाता रहा है। जिला प्रशासन ने इस सहयोग को प्रोत्साहित करने और शिक्षा के क्षेत्र में समाज की भागीदारी को मजबूत करने के लिए विद्यालयों में सहयोग करने वाले भामाशाहों एवं दानदाताओं को सम्मानित करने की पहल भी शुरू की है।

विशेष बात यह है कि एक माह में ही दो अलग-अलग अवसरों पर शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करने वाले भामाशाहों का सम्मान किया जा चुका है। यह केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। जब कोई भामाशाह विद्यालय में प्रवेश द्वार, कक्षा-कक्ष, फर्नीचर, डिजिटल उपकरण, वाटर कूलर, टिन शेड, पुस्तकें अथवा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराता है और उसके योगदान को सम्मान मिलता है, तो इससे समाज के अन्य सक्षम लोग भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित होते हैं।

150 ई-लाइब्रेरी का लक्ष्य और भामाशाहों के सम्मान की पहल एक-दूसरे से जुड़ी हुई दिखाई देती है। एक ओर जिला प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर समाज को शिक्षा के विकास में सहभागी बनाया जा रहा है। सूचना केंद्र में करीब 100 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। आने वाले समय में यही पहल जिले के अलग-अलग उपखण्डों और गांवों तक पहुंचेगी और सैकड़ों-हजारों विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगी।

Piyush Mundara, Chittorgarh

Piyush Mundara, Chittorgarh

नाम: पियूष मूंदड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: साल 2013 से

विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग

बीट और कवरेज 

  • स्थानीय समाचार: चित्तौड़गढ़ जिला और संबंधित तहसीलों की सभी स्थानीय खबरों की नियमित कवरेज।
  • क्राइम एवं वन्य जीव: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, अपराध संबंधी घटनाओं के साथ-साथ वन्य जीव और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • राजनीति: स्थानीय निकाय, संगठनात्मक गतिविधियां और क्षेत्रीय राजनीतिक घटनाक्रम।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय, जनसुनवाई और विकास कार्यों की समीक्षा।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: शैक्षणिक संस्थानों की गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे, चिकित्सा सेवाएं और स्वास्थ्य योजनाओं का कवरेज।
  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक समाचार।

शैक्षणिक योग्यता

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

Next Story