गूं। उपखंड क्षेत्र के नन्दवाई स्थित करीब एक हजार वर्ष प्राचीन फुट बावड़ी देवनारायण मंदिर के जीर्णोद्धार एवं नव निर्माण को लेकर मंदिर परिसर में 12 गांवों के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मंदिर के नव निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही मंदिर निर्माण, जीर्णोद्धार एवं देखरेख के लिए देवनारायण कमेटी गठित करने पर सहमति बनी।

बैठक के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान देवनारायण की पूजा-अर्चना कर अभिषेक एवं हवन किया। पूर्णाहुति देकर क्षेत्र में अच्छी बरसात की कामना की गई। इसके बाद मंदिर के नव निर्माण को लेकर भगवान देवनारायण से ‘पाती’ (अनुमति) मांगी गई। पाती मिलने के बाद श्रद्धालुओं ने इसे भगवान की स्वीकृति मानते हुए खुशी जताई और मंदिर परिसर में भगवान देवनारायण के जयकारे लगाए।

मंदिर निर्माण के लिए प्रत्येक परिवार से सहयोग राशि एकत्र करने का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में श्रद्धालु दिनेश धाकड़ ने 1.61 लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। बैठक में ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण को लेकर विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

बताया गया कि यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है और प्राकृतिक कारणों से मंदिर भवन खंडित हो गया था। ऐसे में इसके नव निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। मंदिर से क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार भगवान देवनारायण से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। ग्रामीणों के अनुसार किसी परिवार की गाय या भैंस के बछड़े अथवा बछिया होने पर उसका दूध भगवान देवनारायण को अर्पित किया जाता है। पशु के बीमार होने पर भी श्रद्धालु उसे देवनारायण मंदिर परिसर में लेकर आते हैं और भगवान की कृपा से उसके स्वस्थ होने की मान्यता है।

ग्रामीणों में यह भी आस्था है कि भगवान देवनारायण क्षेत्र की वर्षा, फसल और आगामी समय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी के संकेत देते हैं। पशुधन और अच्छी फसल को लेकर भी ग्रामीणों की भगवान देवनारायण के प्रति आस्था जुड़ी हुई है।

जीर्णोद्धार एवं नव निर्माण अभियान में नन्दवाई, अमाल्दा, गुणाता, उमर का खाल, उमर थुना, नीलिया का माल, माधोपुर, घनश्यामपुरा, मुरोली, नरसिंहपुरा, शिवपुरा और सो नगर सहित 12 गांवों के ग्रामीण एवं श्रद्धालु शामिल हैं। बैठक में आगामी शनिवार को पुनः बैठक आयोजित कर मंदिर निर्माण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया। इस तरह करीब एक हजार वर्ष पुराने फुट बावड़ी देवनारायण मंदिर के नव निर्माण की प्रक्रिया को ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की सामूहिक सहमति से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

Deepanshu Sharma, Chittorgarh

Deepanshu Sharma, Chittorgarh

नाम: दीपांशु शर्मा

वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: बेगू तहसील (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक एवं प्रशासनिक

अनुभव: 8 वर्ष (कुल)

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता

  • राजनीतिक विश्लेषण: बेगू क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों का विश्लेषण और राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज।
  • जनसमस्याएं: आमजन की समस्याओं, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सुविधाओं से संबंधित समाचार।
  • त्वरित कवरेज: क्षेत्र में घटने वाली घटनाओं, दुर्घटनाओं और तात्कालिक खबरों की सबसे पहले कवरेज।
  • प्रशासनिक खबरें: प्रशासनिक निर्णयों, विभागीय कार्यप्रणालियों और अंदरूनी (अंदर खाने की) खबरों की सटीक जानकारी।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • प्रातःकाल: पिछले 3 वर्षों से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के साथ जुड़कर बेगू तहसील में कार्यरत हैं।
  • पूर्व अनुभव: इससे पहले 5 वर्ष पूर्व से सांध्यकालीन दैनिक 'कवर स्टोरी' समाचार पत्र से जुड़े हुए थे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

कला स्नातक (B.A.)

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