कांकरवा/बड़ी: खेल के मैदान पर जब जज्बा और जुनून आपस में टकराते हैं, तो रोमांच की नई इबारत लिखी जाती है। कुछ ऐसा ही मंजर चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी गांव में देखने को मिला, जहाँ पांच दिवसीय ग्रामीण क्रिकेट प्रतियोगिता 'बीपीएल-2' (सीजन-2) का खिताबी मुकाबला जाशमा की टीम के नाम रहा। रोमांचक फाइनल में जाशमा ने मेज़बान बड़ी की टीम को 27 रनों से शिकस्त देकर न केवल ट्रॉफी पर कब्जा जमाया, बल्कि खेल प्रेमियों का दिल भी जीत लिया।

प्रतियोगिता के अंतिम दिन खिताबी जंग 12-12 ओवरों की निर्धारित की गई थी। टॉस जीतकर मेज़बान बड़ी टीम ने पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया, जिसे जाशमा के बल्लेबाजों ने अपने आक्रामक रुख से चुनौतीपूर्ण साबित कर दिया। जाशमा की टीम ने निर्धारित 12 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 128 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बड़ी की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई और सटीक गेंदबाजी के सामने 12 ओवरों में 4 विकेट खोकर मात्र 101 रन ही बना सकी। इस हार के साथ ही मेज़बान टीम को उपविजेता के संतोष करना पड़ा।

समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि सरपंच पति भगवान लाल जाट, उप सरपंच जमना लाल, धनराज और उदयराम गुर्जर ने विजेता टीम जाशमा को 15,000 रुपये और उपविजेता बड़ी टीम को 7,100 रुपये का नकद पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। आयोजन समिति के सदस्य दिनेश चंद्र गर्ग ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य ध्येय ग्रामीण युवाओं का उत्साहवर्धन, सामाजिक समरूपता और खेल भावना के माध्यम से एकता को बढ़ावा देना है। दूसरे वर्ष भी इस आयोजन की सफलता ने क्षेत्र में नई खेल संस्कृति को जन्म दिया है।

इस ऐतिहासिक मुकाबले और पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान नारायण लाल, देवी लाल, अम्बा लाल, सत्तू गुर्जर, किशन लाल, बद्री लाल, राजमल जाट, माधव लाल, भगवान लाल, जीत मल, किशन, धनराज गाडरी, रतन गुर्जर, मोहन, पृथ्वीराज गुर्जर, जगदीश दास, रमेश दास, अशोक, रोशन लाल गर्ग और कन्हैया गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी मौजूद रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और इस आयोजन को सफल बनाया।

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