चित्तौड़गढ़। ग्राम धनेतकलां में निजी जमीन पर पंचायत द्वारा कथित रूप से फर्जी पट्टे जारी किए जाने के मामले में न्यायालय द्वारा जारी स्थगन (स्टे) आदेश की खुलेआम अवहेलना हो रही है। पीड़ित देवकिशन शर्मा और उनका परिवार वर्षों से इस विवाद का सामना कर रहे हैं, और अब उनकी सुरक्षा भी जोखिम में है।

प्रार्थी देवकिशन ने बताया कि उनके निजी खसरा नंबर की जमीन पर पंचायत के अवैध हस्तक्षेप के चलते पट्टे काटे गए, जिन पर स्थानीय लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं। इस मामले को लेकर उन्होंने न्यायालय का सहारा लिया, जिस पर राजस्थान अजमेर के राजस्व मंडल ने स्टे आदेश जारी किया। बावजूद इसके, अवैध निर्माण कार्य जारी है और कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाया जा रहा है।

देवकिशन शर्मा ने बताया कि उन्होंने सदर थाना, उपखंड अधिकारी और कलेक्टर सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें रसूखदार लोगों द्वारा धमकियां दी जा रही हैं और झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है।

इससे पहले भी प्रार्थी ने धनेतकलां पंचायत के सरपंच और अन्य अधिकारियों पर मिलीभगत से फर्जी पट्टे जारी करने का आरोप लगाया था। न्यायिक आदेश की अवहेलना और प्रशासनिक उदासीनता ने मामला और संवेदनशील बना दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले स्थानीय प्रशासन और न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल उठाते हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा और जमीन संबंधी अधिकारों की गंभीर चुनौती पेश करते हैं।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story