चित्तौड़गढ़। जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम उठाते हुए जिला कलक्टर आलोक रंजन ने स्पष्ट कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा का उन्मूलन तभी संभव है जब प्रशासनिक तंत्र, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्वयंसेवी संस्थाएं एकजुट होकर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करें। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, दिल्ली द्वारा संचालित ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के 100 दिवसीय जनजागरूकता अभियान के तहत बुधवार को बाल अधिकारिता विभाग द्वारा तैयार किए गए जागरूकता पोस्टर का विमोचन इसी उद्देश्य को नई गति देने का प्रयास रहा।

पोस्टर लोकार्पण के दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि बाल विवाह सामाजिक प्रगति में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है और इसे रोकने के लिए जन-जन तक सही जानकारी पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि महिला अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, उच्च शिक्षण संस्थान और स्वयंसेवी संस्थाएं गांवों और ढाणियों तक पहुंचकर बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की महत्ता से जनता को अवगत कराएं।

कलक्टर ने सभी शिक्षण संस्थाओं में बाल विवाह निषेध पोस्टर प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक गांव, विद्यालय और समुदाय तक यह संदेश सशक्त रूप में पहुंचे कि बाल विवाह न केवल अवैध है, बल्कि बच्चों के भविष्य, शिक्षा और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि व्यापक और निरंतर जागरूकता ही समाज में आवश्यक जनचेतना का निर्माण करेगी, जो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

कार्यक्रम में कोषाधिकारी दिग्विजय सिंह झाला, सहायक निदेशक ओम प्रकाश तोषनीवाल, अधीक्षक राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह चन्द्र प्रकाश जीनगर, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक नवीन काकड़दा, काउंसलर करण जीनवाल, शंकर लाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह ने इस संकल्प को और मजबूत किया कि चित्तौड़गढ़ जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने में सभी विभाग अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Piyush Mundara, Chittorgarh

Piyush Mundara, Chittorgarh

नाम: पियूष मूंदड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: साल 2013 से

विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग

बीट और कवरेज 

  • स्थानीय समाचार: चित्तौड़गढ़ जिला और संबंधित तहसीलों की सभी स्थानीय खबरों की नियमित कवरेज।
  • क्राइम एवं वन्य जीव: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, अपराध संबंधी घटनाओं के साथ-साथ वन्य जीव और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • राजनीति: स्थानीय निकाय, संगठनात्मक गतिविधियां और क्षेत्रीय राजनीतिक घटनाक्रम।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय, जनसुनवाई और विकास कार्यों की समीक्षा।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: शैक्षणिक संस्थानों की गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे, चिकित्सा सेवाएं और स्वास्थ्य योजनाओं का कवरेज।
  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक समाचार।

शैक्षणिक योग्यता

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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