चित्तौड़गढ़। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय पर पुनर्विचार की मांग को लेकर शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ शहर और ग्रामीण कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में अभूतपूर्व जनआंदोलन देखने को मिला। हजारों की संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक से कलेक्ट्री चौराहे तक पैदल मार्च निकालते हुए मानव श्रृंखला बनाई और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर एवं जिला वन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत के नेतृत्व में यह पैदल मार्च शहीद पार्क से प्रारंभ होकर कलेक्ट्रेट चौराहे तक पहुंचा, जहां विशाल मानव श्रृंखला के साथ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चौराहे के तीनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। नारेबाजी और तख्तियों के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने अरावली के संरक्षण की मांग को मुखरता से उठाया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा प्रस्तुत तथ्यात्मक रिपोर्ट ने अरावली के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया है। उसी से प्रेरित होकर चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह आंदोलन किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के नवंबर माह के निर्णय में अरावली की नई परिभाषा 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों और टीलों को संरक्षण से बाहर कर देती है, जिससे अवैध खनन, रियल एस्टेट विकास और अनियंत्रित निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इसका सीधा असर राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के पर्यावरण, जल सुरक्षा और जलवायु पर पड़ेगा।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह तत्काल सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर करे, अरावली पर्वतमाला की पुरानी और व्यापक परिभाषा को बहाल किया जाए, सभी पहाड़ियों और टीलों को पूर्ण संरक्षण दिया जाए तथा अरावली क्षेत्र में किसी भी नए खनन पट्टे या निर्माण की अनुमति न दी जाए। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान के अरावली क्षेत्र से 34 जिले प्रभावित हो रहे हैं और करीब 1.34 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र इसका दुष्प्रभाव झेलेगा।

इस विशाल प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता त्रिलोक चंद जाट, प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, अनिल सोनी, विक्रम जाट, रणजीत लोट, महेंद्र शर्मा, नगेंद्र सिंह राठौड़, पुष्पा जाट, रमेशनाथ योगी, कैलाश पंवार, दिलीप नेभनानी, गोविंद शर्मा, अभिमन्यु सिंह जाड़ावत, प्रमोद सिंह तंवर, कमल गुर्जर, राजेश सोनी, मोहन सिंह भाटी, बालमुकुंद मालीवाल, रविराज सिंह जाड़ावत, दिनेश सोनी, कालूलाल जाट, महावीर सिंह, राजदीप सिंह राणावत, अर्जुन रायका, रामलाल जाट, किसान प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष रामस्वरूप जाट, नवीन तंवर, कान्हा वैष्णव, छत्रपाल सिंह चौहान, धर्मेंद्र मूंदड़ा, नितिन वर्मा, गेहरूगिरी गोस्वामी, राकेश घारू, गणेशलाल जाटोलिया, रामेश्वरलाल बैरवा, अभिषेक गर्ग, चांदनी बैरागी, ललिता रैगर, श्रष्टि गर्ग, रतनलाल मीणा, दिनेश भोई, भरत धाकड़, महेश काकानी, लादूलाल धाकड़, शंभुलाल प्रजापत, पिंटू राव, गजानंद शर्मा, शंकर सेन, पिंटू विजयवर्गीय, देवीलाल धाकड़, कैलाश भूतड़ा, अनिल भड़कत्या, रामगोपाल लोहार, गोपाल सालवी, महेंद्र मेड़तिया, टिंकू धामानी, शैलेंद्र सिंह शक्तावत, युसुफ भैया, गोस मोहम्मद, राजेश सरगरा, शैलेंद्र सिंह राव, प्रवीण मेनारिया, प्रभु रैगर, संजय रैगर, देवीलाल जाट पाल, पूर्व सरपंच सत्यनारायण वैष्णव, उप सरपंच गोरीलाल गुर्जर, कमलेश ईनाणी, प्रभु रैगर, मनीष चांवला, संदीप पुरोहित, शिवनाथ योगी, तेजमल सुराणा, जिला नीलगर, मोंटीवीर चड्ढा, रामेश्वर माली, गिरिवर सिंह, कमलेश माली, नारायण नाथ, शांतिलाल जाट, शंभुलाल शर्मा, कौशल बैरवा, लक्ष्मण नटराज, भेरूलाल पुरबिया, सत्यनारायण सेन, पुष्कर जीनगर, रमेश सेन, बिलाल हुसैन, ओम प्रकाश काबरा, शहादत हुसैन, संजय राव, शिवरतन सोनी, गौरव मेडतवाल, मोहन न्याति, रतन मोहिल, किशन जटिया, उदयलाल रैगर, मदन रैगर, फूलचंद धाकड़, भगवान लाल जटिया, बाबूलाल बैरवा, मदनलाल बैरवा, पुष्कर बैरवा, गोर्वधन जटिया, अमित लड्डा, धर्मेंद्र तिवारी, ललिता रावत, कमल प्रजापत, अमरकंठ उपाध्याय, फारूक मीरासी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अरावली संरक्षण को लेकर हुए इस विशाल प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया कि पर्यावरण और प्राकृतिक धरोहर के मुद्दे पर कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी तरह संगठित हैं और इसे लेकर संघर्ष को और तेज करने का संकेत दे चुके हैं।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story