जयपुर में जुटे कांग्रेस दिग्गज: जाटोलिया, सालवी और गारू ने फूंकी संगठन में जान, आगामी रणनीति पर बड़ा मंथन
जयपुर में आयोजित राजस्थान प्रदेश कांग्रेस एससी विभाग की दो दिवसीय कार्यशाला में गणेश लाल जाटोलिया, देवेन्द्र सालवी और राकेश गारू सहित कई दिग्गजों ने भाग लिया। पूर्व मंत्री ममता भूपेश और महेंद्र बौद्ध के नेतृत्व में संगठन की मजबूती, युवाओं की भागीदारी और मनरेगा जैसे मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। जानिए पार्टी की आगामी रणनीति और 31 जनवरी तक दी गई डेडलाइन की पूरी रिपोर्ट।

जयपुर/काकंरवा। राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के बैनर तले आयोजित दो दिवसीय संयुक्त कार्यशाला ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। 19 और 20 जनवरी 2026 को आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक के दूसरे दिन उदयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग के दिग्गजों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर संगठन की मजबूती का संकल्प लिया। चित्तौड़गढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश महासचिव एवं प्रतापगढ़ जिला प्रभारी गणेश लाल जाटोलिया, उदयपुर संभाग प्रभारी देवेन्द्र सालवी और चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष राकेश गारू ने कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता निभाई और आगामी सांगठनिक ढांचे को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
इस गरिमामयी आयोजन की अध्यक्षता राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग की प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती ममता भूपेश ने की। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय समन्वयक एवं मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व गृह मंत्री महेंद्र जी बौद्ध और राजस्थान के सह-प्रभारी राजेश जी शेरसिया उपस्थित रहे। महेंद्र जी बौद्ध ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संगठनात्मक कार्यों को गति देना और जमीनी स्तर पर पार्टी को अभेद्य बनाना इस संगठन का प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ जुट जाएं।
राजस्थान के सह-प्रभारी राजेश शेरसिया ने संगठन की वर्तमान गति पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्थानीय युवाओं, महिलाओं और कामगार वर्ग को जोड़ने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। शेरसिया ने सुझाव दिया कि स्थानीय भाषाओं में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि पार्टी का संदेश सीधा लोगों के दिलों तक पहुंचे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी बैठकों के सुचारू संचालन के लिए जल्द ही एक विस्तृत कैलेंडर जारी किया जाएगा।
सत्र के समापन पर प्रदेश अध्यक्ष ममता भूपेश ने कड़ा रुख अपनाते हुए संगठनात्मक अनुशासन पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन प्रदेश पदाधिकारियों को जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है, वे 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से अपनी बैठकें पूरी करें और प्रगति रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपें। बैठक के दौरान मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को बंद करने के प्रयासों पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने इसे लाखों गरीब परिवारों के जीवन पर "कुठाराघात" करार देते हुए सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताई। यह कार्यशाला न केवल संगठन के विस्तार की दृष्टि से बल्कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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