चित्तौड़गढ़ में संगीत दिवस पर सुरों की गूंज, संगीत प्रेमियों ने गीतों से बांधा समां
चित्तौड़गढ़ में विश्व संगीत दिवस पर संगीत प्रेमियों की सुरमयी महफिल ने शहर को गीतों से सराबोर कर दिया। आगामी 31 जुलाई के बड़े आयोजन की तैयारियों ने माहौल को और भी रोमांचक बना दिया।

चित्तौड़गढ़ में विश्व संगीत दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान आगामी मोहम्मद रफी नाइट की रूपरेखा तैयार करने बैठक में एकत्रित हुए स्थानीय गायक और संगीतकार।
विश्व संगीत दिवस के अवसर पर चित्तौड़गढ़ में संगीत प्रेमियों की सुरमयी महफिल ने शहर को संगीत की मधुर धुनों से सराबोर कर दिया। म्यूजिक लवर्स ग्रुप एवं युवा लोक कला संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित संरक्षक हेमंत सुहालका ने संगीत के जीवन में महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगीत न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भरने का माध्यम भी है। वहीं केके शर्मा ने सभी उपस्थित संगीत प्रेमियों को संगीत दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम संयोजक डॉ. रमेश राव शिंदे ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए संगीत की सामाजिक और सांस्कृतिक भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर मंच पर संगीत प्रेमियों और गणमान्य सदस्यों की सक्रिय उपस्थिति रही, जिनमें सहसंयोजक पद्मेश शर्मा, प्रहलाद पाराशर, राजकुमार सोनी, कैलाश चंद्र लोट, ओमप्रकाश शर्मा, राजेन्द्र पालीवाल, श्याम सुन्दर व्यास, राजेश सिंह राव, दिलदार ख़ान, नीरज शिंदे, समर प्रजापत, अफ़ज़ल ख़ान, लक्की सिद्दीकी, पुरू पुगलिया, गोपाल रावत, निर्मला नाराणीवाल, रेशम भोजवानी, ईशा कंवर भाटी, संध्या प्रजापत, स्नेहलता पोखरना सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान आगामी 31 जुलाई को आयोजित होने वाले “एक शाम रफी के नाम” कार्यक्रम की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर संगीतकार दिलीप राव, राहुल त्रिवेदी, विजय देशबंधु, नरेश देशबंधु सहित अन्य कलाकारों के साथ गायकों और गीतों का चयन किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस बार कार्यक्रम को और अधिक भव्य रूप दिया जाएगा, जिसमें लाइव आर्केस्ट्रा टीम भी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।
संगीत दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल सुरों का उत्सव साबित हुआ, बल्कि आने वाले बड़े संगीत आयोजन की तैयारियों ने भी माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया, जिससे चित्तौड़गढ़ की सांस्कृतिक धरोहर में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
बीट और कवरेज
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
