बाल श्रम के विरुद्ध लामबंद हुआ चित्तौड़गढ़: हस्ताक्षर अभियान से लिया 'बाल श्रम मुक्त समाज' का संकल्प
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परिसर में अधिकारियों और आमजन ने बाल श्रम उन्मूलन के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर चित्तौड़गढ़ में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परिसर में हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें प्राधिकरण सचिव योगिता पारीक सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
बचपन की मासूमियत को काम के बोझ तले दबने से बचाने और बाल अधिकारों के संरक्षण के संकल्प के साथ चित्तौड़गढ़ में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर एक सशक्त संदेश दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परिसर में आयोजित एक विशेष हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से न केवल बाल श्रम के विरुद्ध आवाज बुलंद की गई, बल्कि समाज के हर वर्ग को बच्चों के सुरक्षित और गरिमामय भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी लेने का आह्वान भी किया गया।
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और बाल अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव योगिता पारीक ने किया। इस दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं, न्यायालय के कर्मचारियों, पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) और बाल अधिकारिता विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने हस्ताक्षर कर बाल श्रम के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उचित शिक्षा, सुरक्षा और एक सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराने के प्रति जनमानस को जागरूक करना था।
समारोह को संबोधित करते हुए सचिव योगिता पारीक ने स्पष्ट किया कि प्रतिवर्ष 12 जून को मनाए जाने वाले इस दिवस का मूल उद्देश्य बाल श्रम के कुचक्र को समाप्त करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाल श्रम न केवल बच्चों के बचपन को छीनता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी बाधक है। सचिव ने नागरिकों से अपील की कि वे समाज के सजग प्रहरी बनें और कहीं भी बाल श्रम की घटना होने पर संबंधित विभागों को तत्काल सूचित करें। उन्होंने बच्चों को विद्यालय से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा शिक्षा का अधिकार रखता है और उसे हर हाल में स्कूल तक पहुँचाना हम सभी का सामूहिक कर्तव्य है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक ओमप्रकाश तोषनीवाल, राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह के अधीक्षक प्रकाश जीनगर, चाइल्ड हेल्पलाईन के प्रतिनिधि, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सावन श्रीमाली, असिस्टेंट प्रदीप सिंह राणावत सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और प्राधिकरण के कार्मिक उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल एक सरकारी औपचारिकता बनकर रहा, बल्कि इसने चित्तौड़गढ़ वासियों के मन में बच्चों के अधिकारों के प्रति एक नई संवेदनशीलता का संचार किया है।

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