लघु उद्योग भारती और निर्भया सेना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में 100 छात्राओं को रोजमर्रा की वस्तुओं से सुरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए गए।

महिलाओं और छात्राओं को शारीरिक रूप से सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चित्तौड़गढ़ में एक विशेष आत्मरक्षा कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। लघु उद्योग भारती महिला इकाई द्वारा संचालित प्रयास कौशलशाला (प्रयास कौशल विकास केंद्र) के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला में महिलाओं एवं बालिकाओं ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ भाग लिया। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्भया सेना राजस्थान के विशेष सहयोग से संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य विपरीत और आपातकालीन परिस्थितियों में महिलाओं के भीतर साहस, सतर्कता और आत्मविश्वास का संचार करना रहा।

इस ऊर्जावान, प्रेरणादायक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में निर्भया सेना की उमाजी चाहर (उमा चाहर) एवं लक्षिताजी माहेश्वरी (लक्षित्ता माहेश्वरी) उपस्थित रहीं। लगभग एक घंटे तक चले इस सघन प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रशिक्षकों ने उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रभावी तरीके सिखाए। कार्यशाला में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि आज के समय में महिलाओं का केवल आर्थिक एवं वैचारिक रूप से आत्मनिर्भर होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका शारीरिक रूप से सक्षम एवं आत्मरक्षा में प्रशिक्षित होना भी अत्यंत आवश्यक है। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि ऐसी कार्यशालाएं समाज की वर्तमान और अनिवार्य आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम हैं।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मानसिक संतुलन बनाए रखने, भय पर विजय पाने तथा विपरीत परिस्थितियों में तुरंत प्रतिक्रिया देकर स्वयं को सुरक्षित निकालने के व्यावहारिक गुर सिखाए गए। इस दौरान प्रशिक्षकों ने महिलाओं को सिखाया कि वे किस प्रकार अपनी रोजमर्रा की वस्तुओं जैसे कलम, मोबाइल फोन, हेयरपिन, दुपट्टा और चाबियों को ही वक्त पड़ने पर हथियार के रूप में इस्तेमाल कर अपनी रक्षा करने में सक्षम हो सकती हैं। उल्लेखनीय है कि इस अभियान का व्यापक लक्ष्य निर्भया सेना कार्यक्रम के माध्यम से 51 लाख महिलाओं को निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करना और 5 लाख महिलाओं को ब्लैक बेल्ट हासिल करने में सक्षम बनाना है।

इस गरिमामयी कार्यक्रम का सफल आयोजन एवं संचालन लघु उद्योग भारती महिला इकाई की डिजिटल प्रमुख राशी मुंदड़ा, कोषाध्यक्ष पूर्णिमा पुंगलिया एवं सीमा मेहता द्वारा किया गया। महिला इकाई की अध्यक्षा अंजली शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में यह संपूर्ण आयोजन पूरी सफलता के साथ सम्पन्न हुआ। इस कार्यशाला में लगभग 100 छात्राओं ने बेहद उत्साहपूर्वक भाग लेकर आत्मरक्षा के गुर सीखे, जो भविष्य में उनके आत्मबल और सुरक्षा को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story