राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित बस्सी और सीतामाता अभ्यारण्यों में शुक्रवार शाम 5 बजे से वन्यजीव गणना का महाअभियान विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया है। वन्यजीवों के प्राकृतिक विचरण का सटीक आंकड़ा जुटाने के उद्देश्य से इस वर्ष गणना की रणनीति और समय में आमूलचूल परिवर्तन किया गया है। उपवन संरक्षक मृदुला सिंह के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, पूर्व में यह गणना सुबह 8 बजे से प्रारंभ होती थी, जिससे रात का समय काफी विलंब से आता था और तब तक गणना दल अत्यधिक कार्यभार के कारण थकान महसूस करने लगता था, जिससे वन्यजीवों की रात्रि कालीन गतिविधियों का सही आकलन बाधित होता था। वर्तमान में भीषण हीट वेव की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए गणना का समय शाम 5 बजे निर्धारित किया गया है, ताकि कर्मचारी पूरी ताजगी और सतर्कता के साथ रात के समय सक्रिय रहने वाले वन्यजीवों की निगरानी कर सकें। इस निर्णय से न केवल वन विभाग के कर्मचारियों को चिलचिलाती गर्मी से राहत प्राप्त होगी, बल्कि प्राप्त होने वाले आंकड़े भी अधिक सटीक और प्रभावी सिद्ध होंगे।

इस व्यापक गणना प्रक्रिया को सुचारू बनाने हेतु सीतामाता अभ्यारण्य में 47 तथा बस्सी अभ्यारण्य में 24 वॉटर हॉल चिन्हित किए गए हैं। इन जलस्रोतों पर वन्यजीवों के आवागमन की प्रबल संभावना के दृष्टिगत विशेष निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है। विभाग ने इस बार पारंपरिक मचानों के अतिरिक्त नालों और केनाल के समीप भी मचान बनाकर कर्मचारियों की तैनाती की है। आधुनिक तकनीक का समावेश करते हुए सीतामाता सेंचुरी में 20 से 22 और बस्सी सेंचुरी में लगभग 14 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, जो उन दुर्लभ और निशाचर वन्यजीवों की पहचान सुनिश्चित करेंगे जो मानवीय दृष्टि से ओझल रह जाते हैं। बुद्ध पूर्णिमा की धवल चांदनी का लाभ उठाते हुए यह गणना शुक्रवार शाम से शुरू होकर 2 मई की शाम 5 बजे तक निरंतर 24 घंटे चलेगी। यदि विगत वर्ष 2025 के आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो कई प्रजातियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई थी, यद्यपि कुछ नवीन पक्षियों की उपस्थिति उत्साहजनक रही। विशेष रूप से बस्सी सेंचुरी से 'छोटा सीवेट' वर्ष 2025 में पूर्णतः नदारद पाया गया था, जबकि सीतामाता सेंचुरी में मांसाहारी जीवों की संख्या में आंशिक कमी के बावजूद कोई प्रजाति विलुप्त नहीं हुई। यह अभियान पारिस्थितिक तंत्र में आए इन बदलावों को समझने और भविष्य की संरक्षण योजनाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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