चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में शीत लहर का प्रकोप गहराने के साथ ही अभावग्रस्त बस्तियों में राहत की मशाल जलाई गई है। कड़ाके की इस सर्दी में जब ठिठुरन आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, तब जिले के विभिन्न संगठनों और दानदाताओं ने आगे आकर ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों के बच्चों को सुरक्षा कवच प्रदान किया है। सेवा और समर्पण के इस संगम ने न केवल जरूरतमंदों को ठंड से निजात दिलाई है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण भी पेश किया है।

नगर के प्रमुख संगठन एकल अभियान द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर ऊनी वस्त्र वितरण का अभियान चलाया गया। इस मुहिम के तहत वनवासी गांव सूरत सिंह जी का खेड़ा स्थित एकल विद्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ संभाग अध्यक्ष धर्मपाल गोयल, देवीलाल गाडरी और मनोज वैष्णव ने स्वयं उपस्थित होकर 51 बच्चों को ऊनी वस्त्र भेंट किए। इन उपहारों को पाकर बच्चों के चेहरों पर जो मुस्कान खिली, उसने अभिभावकों को भी भावविभोर कर दिया। एकल अभियान के माध्यम से अब तक विभिन्न दानदाताओं के सहयोग से ग्रामीण विद्यालयों में एक हजार से अधिक वस्त्र वितरित किए जा चुके हैं। इस अवसर पर धर्मपाल गोयल ने समाज के प्रबुद्ध वर्ग से आह्वान किया कि वे अपनी समीपवर्ती बस्तियों में उन परिवारों की मदद करें जो आर्थिक तंगी के कारण गरम कपड़े खरीदने में असमर्थ हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों के पुराने वस्त्र कार्यकर्ताओं को सौंपें ताकि उन्हें समय पर जरूरतमंदों तक पहुँचाया जा सके। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए उदयलाल जटिया, संजय शर्मा और महिपाल सिंह चुंडावत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसी कड़ी में, चित्तौड़गढ़ के बस्सी ग्राम पंचायत क्षेत्र में भी सेवा का एक बड़ा प्रकल्प साकार हुआ। सृष्टि सेवा समिति के तत्वावधान में आईआईएफएल (IIFL) फाउंडेशन के सहयोग से भील बस्ती स्थित 'सखियों की बाड़ी' केंद्र पर बालिकाओं को सर्दी से बचाने हेतु स्वेटर, जूते और मोजे वितरित किए गए। प्रशासन की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्लॉक के कार्यवाहक मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार रमेश चंद्र गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के मानवीय प्रयासों से न केवल बालिकाओं के स्वास्थ्य की रक्षा होगी, बल्कि शिक्षण केंद्रों में उनकी नियमित उपस्थिति और शिक्षा के प्रति उत्साह में भी बढ़ोतरी होगी। गौरतलब है कि चित्तौड़गढ़ ब्लॉक के कुल 44 केंद्रों पर चरणबद्ध तरीके से 1303 बालिकाओं को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। वितरण समारोह के दौरान बी.एस. पंवार, अनिल कुमार राठौर, दक्षा, पूजा भील और मधु खटीक सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम बताया।

यह अभियान केवल वस्त्र वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भीषण ठंड में उन मासूमों के लिए उम्मीद की एक किरण है जिनके लिए मौसम की यह मार जानलेवा साबित हो सकती थी। दानदाताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं के इस सामूहिक प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया है कि सामुदायिक सहयोग से किसी भी प्राकृतिक चुनौती का सामना किया जा सकता है।

Pratahkal Newsroom

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