चित्तौड़गढ़: मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक दलों की बैठक
जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन और 1.51 प्रतिशत की वृद्धि के साथ नवीन आंकड़ों की जानकारी साझा की गई।

चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक रंजन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उपस्थित विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी।
पुनरीक्षण कार्यक्रम और मतदाता सांख्यिकी
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित किया गया था। इसके अन्तर्गत 04 नवम्बर से दिसम्बर 2025 तक गणना चरण के उपरान्त प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया था, जिसमें चित्तौड़गढ़ में कुल मतदाताओं की संख्या 13 लाख एक हजार 875 थी।
दावे एवं आपत्तियों का विवरण
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 16 दिसम्बर से 19 जनवरी तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त किये गये। इस अवधि में जिले में प्राप्त आवेदनों का विवरण निम्नानुसार है:
- 22 हजार 422 फॉर्म-6/6A
- 2778 फॉर्म-7
- 7368 फॉर्म-8
पारदर्शिता और सूचना साझाकरण
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा दावे एवं आपत्तियों हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों की सूची फॉर्म 9, 10, 11, 11ए और 11बी में तैयार की गई और ऐसी सूचियों की एक प्रति उनके कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रत्येक कार्य दिवस को प्रदर्शित की गई। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा प्रति सप्ताह प्राप्त होने वाले दावे एवं आपत्तियों की सूचियां मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से साझा की गईं। यह सूचियाँ जिला निर्वाचन अधिकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी की बेवसाइट पर भी ऑनलाइन उपलब्ध होने बाबत जानकारी प्रदान की गई।
अन्तिम प्रकाशन और मतदाता वृद्धि
पूर्व में प्राप्त समस्त फॉर्म तथा दावे-आपत्तियाँ प्राप्त का निस्तारण निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा किया जाकर मतदाता सूची का अन्तिम प्रकाशन किया गया। इस प्रकार जिले में प्रारूप मतदाता सूची में कुल 19 हजार 694 मतदाताओं के नाम सम्मिलित होने से 1.51 प्रतिशत की वृद्धि के उपरान्त कुल अंतिम प्रकाशन में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है।
संशोधन प्रक्रिया एवं अपील के प्रावधान
"मतदाता सूची में नाम जुड़वाना, हटाना व प्रविष्टियों में संशोधन एक अनवरत प्रक्रिया जो सतत जारी है"। मतदाता सूची में किसी प्रविष्टि के संबंध में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय के विरूद्ध अपील हेतु नियम निम्न हैं:
- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 तथा निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 23 एवं 27 के अन्तर्गत प्रथम अपील जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अन्तिम प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस में की जा सकती है।
- जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में द्वितीय अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान को जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय के 30 दिवस के भीतर प्रस्तुत कर सकते हैं।
बैठक में उपस्थित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि
बैठक में निम्नलिखित गणमान्य उपस्थित रहे:
- आलोक रंजन (जिला निर्वाचन अधिकारी)
- प्रभा गौतम (उपजिला निर्वाचन अधिकारी)
- रतन गाडरी (भाजपा जिलाध्यक्ष)
- रघु शर्मा, गौरव त्यागी, अनिल ईनाणी, हरीश ईनाणी, चन्द्रशेखर शर्मा, चक्षु शर्मा, रतनलाल सालवी, भरत कुमार चाष्टा, रतनलाल जाट, रतन लाल शर्मा।

Pratahkal Bureau
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