चित्तौड़गढ़। राजस्थान की गौरवशाली धरा मेवाड़, जो अब तक अपनी तलवारों की खनक और किलों के बलिदान के लिए विश्वविख्यात रही है, अब हिंदी साहित्य के पन्नों पर अपनी सांस्कृतिक और नैतिक चेतना की नई आभा बिखेर रही है। इसी साहित्यिक अनुष्ठान को पूर्ण करते हुए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सतपुड़ा के कार्यवाहक प्रिंसिपल विकास कुमार अग्रवाल ने अपनी विद्वत्ता का परचम लहराया है। उदयपुर में आयोजित भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के भव्य दीक्षांत समारोह में राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने विकास कुमार अग्रवाल को हिंदी साहित्य में 'विद्या वाचस्पति' (पीएचडी) की प्रतिष्ठित उपाधि से अलंकृत किया। यह क्षण न केवल अग्रवाल के व्यक्तिगत जीवन के लिए, बल्कि समूचे चित्तौड़गढ़ के शिक्षा जगत के लिए गौरव का विषय बन गया है।

अग्रवाल का यह शोध कार्य मात्र एक अकादमिक दस्तावेज नहीं, बल्कि मेवाड़ के प्रति एक नया दृष्टिकोण है। अपने शोध ‘हिंदी साहित्य में मेवाड़: अध्ययन एवं विश्लेषण’ के माध्यम से उन्होंने इस पावन धरा को केवल युद्धभूमि और ऐतिहासिक घटनाक्रमों तक सीमित रखने की रूढ़ि को तोड़ा है। उन्होंने बड़ी सूक्ष्मता से यह विश्लेषण किया है कि किस प्रकार हिंदी साहित्य की विभिन्न विधाओं में मेवाड़ राष्ट्रचेतना, सांस्कृतिक स्वाभिमान और सांप्रदायिक सौहार्द का एक जीवंत प्रतीक बनकर उभरा है। शोध में शौर्य और त्याग के साथ-साथ उन नैतिक मूल्यों को रेखांकित किया गया है, जो सदियों से भारतीय समाज का मार्गदर्शन करते रहे हैं।

इस गहन शोध यात्रा को पूर्ण करने में भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. हुसैनी बोहरा का कुशल निर्देशन रहा, जिनके मार्गदर्शन ने शोध को एक शास्त्रीय गहराई प्रदान की। इसके साथ ही, कन्या महाविद्यालय चित्तौड़गढ़ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गोपाल जाट एवं निम्बाहेड़ा महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर राजेंद्र सिंघवी का महत्वपूर्ण परामर्श इस अकादमिक सिद्धि का आधार बना। अग्रवाल ने अपने कार्य में मेवाड़ की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय भावबोध का जो समग्र विश्लेषण प्रस्तुत किया है, वह भविष्य के शोधार्थियों के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उनकी इस अद्वितीय उपलब्धि पर शिक्षा संकुल से लेकर साहित्य जगत तक में हर्ष की लहर है और इसे मेवाड़ के गौरव को बौद्धिक जगत में पुनर्स्थापित करने वाला एक ठोस प्रयास माना जा रहा है।

Piyush Mundara, Chittorgarh

Piyush Mundara, Chittorgarh

नाम: पियूष मूंदड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: साल 2013 से

विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग

बीट और कवरेज 

  • स्थानीय समाचार: चित्तौड़गढ़ जिला और संबंधित तहसीलों की सभी स्थानीय खबरों की नियमित कवरेज।
  • क्राइम एवं वन्य जीव: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, अपराध संबंधी घटनाओं के साथ-साथ वन्य जीव और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • राजनीति: स्थानीय निकाय, संगठनात्मक गतिविधियां और क्षेत्रीय राजनीतिक घटनाक्रम।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय, जनसुनवाई और विकास कार्यों की समीक्षा।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: शैक्षणिक संस्थानों की गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे, चिकित्सा सेवाएं और स्वास्थ्य योजनाओं का कवरेज।
  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक समाचार।

शैक्षणिक योग्यता

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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