चित्तौड़गढ़ में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान': 46 ग्राम पंचायतों में तालाबों की सफाई
सीईओ विनय पाठक के निर्देशन में राजीविका और मनरेगा के तहत प्राचीन जल स्रोतों की डिजिटल मैपिंग, साफ-सफाई और जीर्णोद्धार का कार्य किया गया।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में शुक्रवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक तालाबों और जल स्रोतों की साफ-सफाई व जीर्णोद्धार करते ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारी।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में शुक्रवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के अंतर्गत पर्यावरण संतुलन, जल संवर्धन और स्वच्छता को लेकर एक व्यापक जन-जागरूकता अलख जगाई गई। अभियान के तहत जिले भर में विभिन्न सरकारी विभागों के समन्वय से वृहद स्तर पर श्रमदान, साफ-सफाई, पौधारोपण और जन-जागरूकता गतिविधियों का जोरदार आयोजन किया गया। इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य कार्यालय परिसरों, सार्वजनिक स्थलों और प्राचीन जल स्रोतों का जीर्णोद्धार कर आमजन को जल संरक्षण के प्रति सजग और भागीदार बनाना रहा।
आधिकारिक जानकारी देते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनय पाठक ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (राजीविका) के ग्राम संगठनों और क्लस्टर स्तरीय संघ (सी.एल.एफ.) कार्यालयों में सघन स्वच्छता अभियान चलाया गया। समस्त ब्लॉक प्रभारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपने अधीनस्थ ग्राम संगठनों और संकुल स्तरीय संगठनों के कार्यालयों में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई के कार्य सुनिश्चित करवाए। इसके साथ ही ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से जिलेभर में फैले प्राचीन तालाबों, जोहड़ों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की युद्धस्तर पर साफ-सफाई और मरम्मत के कार्य संपादित किए गए।
इस प्रशासनिक और सामाजिक पहल के तहत जिले की विभिन्न पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली 46 ग्राम पंचायतों में तालाबों की सफाई का विशेष कार्य पूर्ण किया गया, जबकि जिले के सभी जल स्रोतों की डिजिटल मैपिंग, सफाई और मरम्मत की गतिविधियां भी समानांतर रूप से संचालित की गईं। इसके अतिरिक्त, पंचायत समितियों की समस्त 295 ग्राम पंचायतों में सड़कों के किनारे बने गड्ढों की साफ-सफाई, गांवों के मुख्य मार्गों, प्रमुख चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता के कड़े प्रबंध किए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर निरंतर सफाई गतिविधियां चलाकर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। अभियान की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) तथा बीबीजीरामजी योजना के अंतर्गत जल संचयन और जनभागीदारी से जुड़े समस्त कार्यों को प्राथमिकता दी गई तथा इन विभिन्न कार्यों का आधिकारिक पोर्टल पर त्वरित इन्द्राज (एंट्री) भी सुनिश्चित किया गया। जनसहभागिता को बढ़ावा देने वाले इस अभियान ने ग्रामीण अंचल में जल और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरगामी और प्रभावी संदेश अंकित किया है।

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