उसरोल में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण ध्वस्त, प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण
भूपालसागर के उसरोल में ग्रामीणों की शिकायत पर तहसीलदार और पुलिस जाब्ते ने जेसीबी की मदद से अवैध पक्के निर्माण को हटाकर सार्वजनिक रास्ता बहाल किया।

भूपालसागर उपखंड के उसरोल ग्राम पंचायत में शनिवार को तहसीलदार और पुलिस बल की मौजूदगी में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को जेसीबी से ढहाने की कार्रवाई।
भूपालसागर (चित्तौड़गढ़) | प्रातःकाल संवाददाता अरविंद गर्ग
भूपालसागर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत उसरोल में शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी और आबादी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को मलबे में तब्दील कर दिया। बाहरी तत्वों और स्थानीय साठगांठ से किए जा रहे इस कब्जे को हटवाकर प्रशासन ने न केवल सार्वजनिक रास्ते को बहाल किया, बल्कि भू-माफियाओं को सख्त संदेश भी दिया। प्रशासन की इस त्वरित सक्रियता से उसरोल बस स्टैंड के पास संकरा हो चुका रास्ता अब चौड़ा हो गया है, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों के आवागमन में आ रही बड़ी बाधा दूर हुई है।
जागरूक ग्रामीणों ने उठाई थी आवाज
जानकारी के अनुसार, उसरोल बस स्टैंड और भील मोहल्ला (वार्ड नं. 08, बागरिया बस्ती) के पास कुछ बाहरी व्यक्तियों द्वारा राजकीय भूमि और सार्वजनिक रास्ते पर अवैध रूप से पक्का निर्माण किया जा रहा था। स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुट होकर 12 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत प्रशासक को एक लिखित ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में बताया गया था कि बाहरी असामाजिक तत्व न केवल जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, बल्कि देर रात तक नशे में गाली-गलौज और दादागिरी कर ग्रामीणों को डरा-धमका भी रहे हैं।
भारी जाब्ते के बीच गरजी जेसीबी
ग्रामीणों की शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए तहसीलदार अपूर्व गौतम और थानाधिकारी घेवरचंद रेगर भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन की सक्रियता देख मौके पर हड़कंप मच गया। ग्राम पंचायत उसरोल की टीम ने बिना समय गंवाए जेसीबी की मदद से अवैध पक्के निर्माण को ध्वस्त करना शुरू किया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने विरोध की कोशिश की, लेकिन भारी पुलिस बल के आगे उनकी एक न चली। तहसीलदार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि दोबारा कब्जा किया तो जेल होगी।
राहत और प्रशासनिक उपस्थिति
इस कार्रवाई के दौरान प्रशासक भँवरलाल ढोली, ग्राम विकास अधिकारी कमलेश बौद्ध, और स्थानीय समाजसेवी पन्नालाल भील सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। अतिक्रमण हटने से क्षेत्र में शांति का माहौल है। अधिकारियों ने कहा कि यदि भविष्य में पुनः निर्माण की कोशिश की गई, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, अतिक्रमण हटाने में हुए किसी भी आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं अतिक्रमणकारी की होगी।
इनका कहना है
प्रशासनिक टीम, उसरोल ने स्पष्ट करते हुए कहा कि "गांव की शांति भंग करने वाले और सरकारी संपत्ति पर नियत खराब करने वालों के खिलाफ प्रशासन का अभियान जारी रहेगा।"

Pratahkal Bureau
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