चित्तौड़गढ़ में नगरीय निकाय आम चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. मंजू ने राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों को आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को समिति कक्ष में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर के उपयोग और आमसभा के आयोजन के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. मंजू ने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराने में सहयोग करने की अपील की। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश धाकड़ ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को नगरीय निकाय चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि नगर निकाय चुनाव दो चरणों में आयोजित होंगे। प्रथम चरण का मतदान 9 सितंबर तथा द्वितीय चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा। मतगणना 14 सितंबर को होगी, जबकि सभापति एवं अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन 21 सितंबर को किया जाएगा।

आदर्श आचार संहिता प्रभारी सुरेश चंद्र खटीक ने आचार संहिता के विभिन्न प्रावधानों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों पर लेखन, पोस्टर, बैनर, झंडे एवं होर्डिंग्स लगाने तथा संपत्ति को विरूपित करने पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे पोस्टर-बैनर आदि हटाने के लिए निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने सरकारी वाहनों के उपयोग एवं दुरुपयोग पर रोक, शिकायत मॉनिटरिंग सिस्टम को सक्रिय करने, सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों के विरूपण की रोकथाम तथा आचार संहिता लागू होने से पूर्व शुरू किए गए एवं शुरू नहीं किए गए कार्यों की सूची तैयार कर आयोग को भेजने संबंधी निर्देशों की जानकारी दी।

सुरेश चंद्र खटीक ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल अथवा अभ्यर्थी द्वारा धर्म, संप्रदाय या जाति के आधार पर टिप्पणी करने तथा धर्मस्थलों पर राजनीतिक गतिविधियां आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। मतदाताओं को डराने-धमकाने अथवा रिश्वत देने, मतदान केंद्रों के आसपास राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने तथा निर्धारित स्थान से अलग जुलूस अथवा सभा आयोजित करने पर रोक रहेगी।

मतदान केंद्र से 200 मीटर की परिधि में राजनीतिक दलों के कैंप लगाने पर भी रोक रहेगी। निर्वाचन अवधि में सरकारी खर्चे से समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी नहीं किए जा सकेंगे। सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किसी राजनीतिक दल के पक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने वाले कृत्यों पर रोक संबंधी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।

लेखा प्रभारी एवं कोषाधिकारी राघव शर्मा ने पार्षद एवं सदस्य पद के अभ्यर्थियों के चुनावी खर्च से संबंधित प्रावधानों और लेखा संधारण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र के पार्षद दो लाख पचास हजार रुपये तथा नगरपालिका सदस्य एक लाख पचास हजार रुपये तक खर्च कर सकते हैं। इसकी पूरी जानकारी संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को निर्धारित समय सीमा में देनी होगी।

अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा ने कानून व्यवस्था से संबंधित प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में किसी भी राजनीतिक दल अथवा व्यक्ति को राजनीतिक गतिविधि संचालित करने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर राजलक्ष्मी गहलोत, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रभारी एवं सहायक प्रभारी उपस्थित रहे। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान लाउडस्पीकर, आमसभा, प्रचार गतिविधियों, संपत्ति के विरूपण, चुनावी खर्च और कानून व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने पर बैठक में विशेष जोर दिया गया।

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