चित्तौड़गढ़। जब देश की युवा शक्ति जागरूक होती है, तभी एक सुरक्षित समाज की नींव रखी जाती है। इसी संकल्प को चरितार्थ करते हुए चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस ने युवा दिवस के पावन अवसर पर भविष्य की पीढ़ी को जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया। जिला पुलिस द्वारा आयोजित एक विशेष जागरूकता अभियान के तहत सैकड़ों छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध और बाल अधिकारों की पेचीदगियों से रूबरू कराया गया, ताकि वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहें बल्कि समाज के लिए एक सजग प्रहरी की भूमिका भी निभा सकें।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कम्युनिटी पुलिसिंग) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी की पहल पर इस वृहद कार्यक्रम का खाका खींचा गया। एएसपी सरिता सिंह के कुशल निर्देशन और जिला स्तरीय नोडल अधिकारी डीएसपी (यातायात) शिवप्रकाश हरगन के सुपरविजन में पुलिस की एक विशेष टीम ने क्षेत्र के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में दस्तक दी। सहायक नोडल अधिकारी सुनीता गुर्जर, हेड कांस्टेबल पुखराज, कांस्टेबल सुशीला कंवर, निर्मल वैष्णव और राजकुमार की टीम ने सोमवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय गिलुण्ड, महात्मा गांधी विद्यालय गिलुण्ड और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय घटियावली में छात्र-छात्राओं के बीच संवाद स्थापित किया।

कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु आज के दौर की सबसे बड़ी चुनौती 'साइबर सुरक्षा' रहा। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के गुर सिखाए और ऑनलाइन ठगी व साइबर अपराधों के बढ़ते जाल से बचने के तरीके बताए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंटरनेट की दुनिया में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना संबंधित विभाग को देना एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। इसके साथ ही, सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को बताया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल कानून का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का कवच हैं।

कानूनी और सामाजिक सुरक्षा के पक्ष को मजबूती देते हुए टीम ने 'बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण' से संबंधित कड़े कानूनों और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की। बच्चों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजग करते हुए सुरक्षा तंत्र की उपलब्धता के बारे में विस्तार से समझाया गया। इस अभियान को केवल भाषणों तक सीमित न रखते हुए, विद्यार्थियों की रचनात्मकता से जोड़ने के लिए पोस्टर, क्विज और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में 400 में से करीब 130 विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जहां उनके चित्रों और शब्दों में सड़क सुरक्षा और अधिकारों के प्रति गहरी समझ दिखाई दी।

आयोजन के दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शंभुलाल सोमानी और अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सतीश दशोरा सहित संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व स्टाफ मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। पुलिस की यह मुहिम न केवल अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह युवाओं में कानून के प्रति सम्मान और जागरूकता के नए युग का सूत्रपात भी करती है।

Pratahkal Newsroom

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