चित्तौड़गढ़: 80 वर्षीय उमराव देवी मारू का देहदान, बेटों ने भी लिया संकल्प
मारू परिवार ने पूज्य माता के निधन के बाद उनकी इच्छानुसार पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज को सौंपी, पुत्रों ने भी भविष्य में देहदान करने का भरा फॉर्म।

राजस्थान की ऐतिहासिक धरा चित्तौड़गढ़ में मानव सेवा और सामाजिक चेतना का एक ऐसा अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया है, जिसने संपूर्ण समाज को झकझोरते हुए मानवता का सशक्त संदेश दिया है। स्व. चांदमल मारू की धर्मपत्नी एवं मारू परिवार की पूज्य माता, 80 वर्षीय उमराव देवी मारू का शुक्रवार को निधन हो गया, जिसके पश्चात परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करने के स्थान पर उसे चिकित्सा शोध हेतु समर्पित कर दिया। जीवनपर्यंत सेवा और समाजहित के कार्यों में सक्रिय रहीं उमराव देवी की अंतिम इच्छानुसार, उनके परिजनों ने चित्तौड़गढ़ मेडिकल कॉलेज में देहदान कर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अपना अभूतपूर्व योगदान सुनिश्चित किया।
अंतिम संस्कार से पूर्व संपन्न हुई इस पुनीत प्रक्रिया के दौरान उमराव देवी के पुत्र गौतम मारू, महावीर मारू, पुत्री मंजू सहित परिवार के सदस्य रामेश्वर लाल, प्रभुलाल, सुंदर लाल, सुनील, विनय, पारस, अनिल मारू एवं समस्त मारू परिवार उपस्थित रहा। मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में डॉ. श्रीमती प्रवीण चौहान को विधिवत देहदान प्रपत्र सौंपकर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण की गईं। इस महान कार्य को टीम एटीबीएफ के तत्वावधान में संस्था के सक्रिय सदस्यों सुरेंद्र टेलर, दीपक जैन रूद एवं अपुल चिप्पड़ के विशेष प्रयासों से मूर्त रूप दिया गया। टीम एटीबीएफ विगत कई वर्षों से देहदान, नेत्रदान, रक्तदान एवं जनसेवा के विविध क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर समाज को नई दिशा प्रदान कर रही है।
उमराव देवी मारू के इस त्यागपूर्ण निर्णय ने उपस्थित समाजजनों को भावुक कर दिया। इसी सेवा भावना से प्रेरित होकर उनके दोनों पुत्रों, गौतम मारू और महावीर मारू ने भी स्वेच्छा से अपने देहदान के संकल्प पत्र भरकर समाज के समक्ष एक दुर्लभ और अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। संस्था के संस्थापक सुनील ढीलीवाल ने इस अवसर पर कहा कि देहदान वास्तव में महादान है, क्योंकि मृत्यु के पश्चात भी मानव शरीर चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और भावी चिकित्सकों के प्रशिक्षण के माध्यम से मानवता की रक्षा में उपयोगी सिद्ध होता है। उन्होंने नागरिकों से इस महान संकल्प को अपनाने की अपील की। उल्लेखनीय है कि संस्था के माध्यम से यह आठवां देहदान है, जिनमें से एक उदयपुर, तीन भीलवाड़ा और अब तक तीन चित्तौड़गढ़ मेडिकल कॉलेज में संपन्न हो चुके हैं। इस भावुक क्षण में श्रमण संघ अध्यक्ष किरण डांगी, उपाध्यक्ष अजीत नाहर, महामंत्री राजेश सेठिया, संगठन समिति संरक्षक अशोक छाजेड़, ओसवाल संघ मंत्री शंकर सुराना, अपुल चिप्पड़, विकास भड़क्तिया और विनय मारू सहित अनेक गणमान्य समाजजन उपस्थित रहे, जिन्होंने उमराव देवी के इस महाप्रयाण को नमन किया।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
