चित्तौड़गढ़: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने श्रम कानूनों के विरोध में फूंकी प्रतियां
राष्ट्रीय मांग दिवस पर संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और न्यूनतम वेतन सहित विभिन्न मांगें उठाईं।

चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट के बाहर मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन करते संयुक्त ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि और श्रमिक।
राष्ट्रीय मांग दिवस के अवसर पर देशभर के मजदूरों, कर्मचारियों और मेहनतकश अवाम की सुलगती समस्याओं के समाधान हेतु चित्तौड़गढ़ में संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने हुंकार भरी है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर मंगलवार को आंदोलित श्रमिकों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। विरोध की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदर्शनकारियों ने कालूराम सुथार के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा बदले गए श्रम कानूनों की प्रतियों को सार्वजनिक रूप से अग्नि के हवाले कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
सौंपे गए ज्ञापन में ज्वलंत मुद्दों को उठाते हुए मांग की गई कि आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों पर तत्काल लगाम लगाई जाए और घरेलू गैस आम जनता को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाए। श्रमिक संगठनों ने जन विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेने और ट्रेड यूनियनों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता बहाल करने हेतु अविलंब श्रम सम्मेलन आयोजित करने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मानेसर, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से गिरफ्तार किए गए हड़ताली श्रमिकों को तत्काल रिहा करने और उन पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की पुरजोर मांग की गई।
न्यायसंगत वेतनमान और कार्य स्थितियों पर जोर देते हुए ज्ञापन में संविदा एवं ठेका श्रमिकों को 'समान काम-समान वेतन' के सिद्धांत पर स्थायी करने, कार्य अवधि आठ घंटे सुनिश्चित करने तथा अतिरिक्त कार्य का दोगुना पारिश्रमिक देने की बात कही गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों, साथिनों, नरेगा कर्मियों और मिड-डे मील श्रमिकों के लिए 26 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन निर्धारित करने के साथ-साथ सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, ईएसआई और पीएफ की गारंटी देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठनों ने स्पष्ट किया कि श्रमिक आंदोलनों में पुलिसिया दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन और आम सभा के पश्चात यूनियन के सक्रिय सदस्य बाबूलाल पंवार के आकस्मिक निधन पर शोक सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में सत्यनारायण मेनारिया, चेन सिंह, धर्मपूरी गोस्वामी, कैलाश कंवर, महावीरसिंह, अशोक शर्मा, घनश्याम सिंह, नरेन्द्र भाटी, महेन्द्र सिंह, केशूराम, सुमेर सिंह, मनोज सुथार और किशन सिंह सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।

Pratahkal Bureau
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