चित्तौड़गढ़: हज़रत नसीर शाह दाता के 67वें उर्स का भव्य समापन, अकीदत और भाईचारे के साथ उमड़ा जनसैलाब
चित्तौड़गढ़ में हज़रत नसीर शाह दाता का 67वां उर्स 'कुल की रस्म' के साथ संपन्न हुआ। हुजूर अशरफे मिल्लत हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ की मौजूदगी में देश में अमन और खुशहाली की दुआ मांगी गई। मशहूर कव्वाल सदाकत साबरी की कव्वाली और खानकाहे अशरफीया द्वारा आयोजित भव्य लंगर ने उर्स को यादगार बनाया। अकीदत और भाईचारे की इस रिपोर्ट को विस्तार से पढ़ें।

चित्तौड़गढ़। राजस्थान की ऐतिहासिक धरा चित्तौड़गढ़ में बूंदी रोड स्थित हज़रत नसीर शाह दाता रहमतुल्लाह अलैहे की दरगाह पर आयोजित 67वां उर्स अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न हुआ। 'कुल की रस्म' और विशेष फातिहा के साथ इस धार्मिक उत्सव का समापन हुआ, जिसमें दूर-दराज से आए जायरीनों ने अपनी हाजिरी दर्ज कराई। यह उर्स न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि कौमी एकता और भाईचारे की मिसाल के रूप में भी उभरा।
उर्स की मुख्य रस्मों का आयोजन ओलदे गौसे आजम, हुजूर अशरफे मिल्लत हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ साहब (कौमी सदर, ऑल इण्डिया ओलोमा मशाइख बोर्ड, किछोछा शरीफ) की गरिमामयी सरपरस्ती में संपन्न हुआ। समापन समारोह के दौरान दरगाह परिसर रूहानी भजनों और कव्वालियों से गूंज उठा। मशहूर कव्वाल सदाकत साबरी ने अपनी सुरीली आवाज में सूफियाना कलाम और कव्वालियां पेश कर समां बांध दिया, जिससे श्रोता भाव-विभोर हो गए। इस अवसर पर हुजूर अशरफे मिल्लत ने देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की विशेष दुआ मांगी।
धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में नबीराए मख्दुमे मिल्लत मौलाना मुफ्ती उस्मान अजहरी अशरफी ने निहायत ही खूबसूरत अंदाज में सलातोसलाम पढ़ा। इसके पश्चात सज्जादानशीन सलीम अशरफी ने दरूद-ए-ताज का विर्द किया, जबकि मौलाना उमेर अशरफी ने फातिहा की रस्म में अपनी शिरकत दी। कार्यक्रम के दौरान आबिद भाई शेख ने ऑल इण्डिया ओलोमा मशाइख बोर्ड के सदर हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ साहब की दस्तारबन्दी कर उनका गर्मजोशी से इस्तकबाल किया।
सचिव अब्दुल हमीद मंसूरी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि खानकाहे अशरफीया की ओर से सज्जादानशीन सलीम अशरफी ने आबिद भाई शेख, युनुस छीपा, असलम छीपा, अजहर छीपा, सलीम संजरी और नदीम शेख की दस्तारबन्दी कर उन्हें सम्मानित किया। उर्स के सफल आयोजन पर सज्जादानशीन सलीम अशरफी ने कार्यक्रम में आए तमाम मुरीदीन, जायरीन और मोतकीदीन को मुबारकबाद पेश की और सबका आभार व्यक्त किया। समापन के पश्चात सामूहिक लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने तबर्रुक ग्रहण किया।
इस भव्य आयोजन के दौरान खजान्ची यासीन छीपा, सोनू अशरफी, जाकीर खान, गोस भाई शेख, हारून साहब, जोधपुर से आए मोहम्मद अली, नदीम शेख, उस्मान, अजहर छीपा, शाहीद छीपा, इकबाल कादरी, सिद्दिक छीपा आवेश, हुसेन छीपा, इदरीस छीपा, हारून छीपा और अनस छीपा सहित सैकड़ों की संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ साहब के चित्तौड़गढ़ आगमन पर अन्जुमन मिल्लते इस्लामिया संस्थान, छीपा मुस्लिम समाज, अशरफी युवा जमात और खानकाहे कादरिया चिश्तीया अशरफीया सहित विभिन्न कमेटियों ने उनका भव्य स्वागत किया, जो इस उर्स की ऐतिहासिक सफलता का प्रमाण बना।

Pratahkal Bureau
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